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देर रात पुलिस अधीक्षक ने जारी किया आदेश
जबलपुर। जिला पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने सोमवार की देर रात एक आदेश जारी कर क्राइम ब्रांच में पदस्थ 22 पुलिस कर्मियों को पुलिस लाइन अटैच कर दिया| लाइन भेजे गए इन पुलिस कर्मियों की शिकायत मिलने पर इन्हें हटाया गया है ऐसा कहा जा रहा है| वहीं दूसरी और यह भी दावा किया जा रहा है जो पुलिस कर्मी पिछले 4 सालों से लाईन में पदस्थ थे उन्हें पुलिस लाईन भेजा गया है| देर रात पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी किए गए जारी आदेश से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और तरह तरह की चर्चाएं हो रही है|
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जबलपुर में क्राइम ब्रांच में पुलिस कर्मी जुगाड़ लगाकर पहुंच जाते है, इसके बाद उनकी कोशिश यही रहती है कि वे यहां पर जमे रहे. अधिकतर देखा भी यही गया है जो यहां पर एक बार आया तो फिर हटने का नाम नहीं लेता है. एसपी संपत उपाध्याय ने ऐसे 22 पुलिस कर्मियों को क्राइम ब्रांच से हटा दिया है जो 4 सालों से जमे रहे. ऐसा कहा जा रहा है कि लाइन भेजे गए इन पुलिस कर्मियों को जल्द ही शहर व ग्रामीण क्षेत्रों के थानों में पदस्थ किया जाएगा.
जिन पुलिस कर्मियों को पुलिस लाईन भेजा गया है उनमें कायर्वाहक एएसआई वीरेंद्र प्रताप, अजय कुमार पांडे, रामवीर सिंह, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक अनीता रजक, प्रीति पाठक, प्रधान आरक्षक नीरज तिवारी, वीरेंद्र सिंह, मानस उपाध्याय, सादिक अली, अनिल श्रीवास्तव, हरिशंकर गुप्ता, आरक्षक पूनम गौतम, दीपक रघुवंशी, शशांक तिवारी, सौरभ गुप्ता, मुकुल गौतम, दीपक मिश्रा, अभिजीत भट्टाचार्य, बालकृष्ण शर्मा, अभिषेक मिश्रा, अजय सिंह लोधी और सतीश डेहरिया शामिल हैं|
वहीं एक चर्चा और भी है कि अभी भी कई ऐसे पुलिस कर्मी है क्राइम ब्रांच में पदस्थ है जिन्हे चार साल पूरे हो गए है फिर भी वे जमे हुए है. जिसका एक कारण है उनकी विभाग में मजबूत पकड़ है, जो अधिकारियों की गुड बुक में है. वहीं दूसरी ओर जो क्राइम ब्रांच में जाने की चाहत रखे है उन्होने यहां पर जाने के लिए अपने स्तर पर प्रयास भी शुरु कर दिए है.

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