
बालाघाट। धान का समर्थन मूल्य 31 सौ रुपए किए जाने की मांग को लेकर मंगलवार को बालाघाट बंद का मिला-जुला असर रहा। समर्थन मूल्य की मांग को लेकर किसान गर्जना ने बंद का आव्हान किया था। कुछेक व्यापारियों ने स्वेच्छा से प्रतिष्ठानों को बंद रखकर अपना समर्थन दिया। वहीं कुछेक व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान खुले रखे। बस संचालकों ने किसानों की मांग को लेकर बंद का पूरी तरह से समर्थन किया। जिसके चलते यात्री बसों के पहिए थमे रहे। यात्री बसों का संचालन नहीं होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इधर, दोपहर में स्थानीय काली पुतली चौक में सभा का आयोजन किया गया। जिसमें किसानों के अलावा अलग-अलग संगठनों के पदाधिकारियों ने संबोधित किया। इसके बाद ट्रेक्टर रैली निकालकर नगर भ्रमण किया गया। अपने मांगों का ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
बसों के पहिए थमने से यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोग अपने गंतव्य स्थल तक नहीं पहुंच पाए। बसों का संचालन नहीं होने से लोग अपने-अपने साधनों से गंतव्य स्थल तक पहुंचे।
पुलिस का रहा पहरा
मंगलवार को बालाघाट बंद के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। शहर के चौक-चौराहों में पुलिस का पहरा लगा हुआ था। हालांकि, प्रदर्शन शांतिपूर्वक हुआ।
थोक सब्जी-फल विक्रेता संघ ने नहीं दिया समर्थन
बालाघाट बंद को थोक सब्जी विक्रेता संघ ने समर्थन नहीं दिया। जिसके चलते सब्जी मंडी खुली रही। हालांकि, संघ पदाधिकारियों ने एक दिन पूर्व ही कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इसकी सूचना दे दी थी।
