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बालाघाट। वर्षों से पक्की सडक़ का निर्माण नहीं हो पाया। ग्रामीणों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर बारिश के दिनों में यह परेशानी और भी ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसा नहीं की ग्रामीणों ने पक्की सडक़ की मांग न की हो। बल्कि ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों को आवेदन दिया। पक्की सडक़ बनाने की मांग की। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूरी में अब ग्रामीणों ने मंगलवार से प्रदर्शन शुरु कर दिया है। मंगलवार को पूर्व सरपंच व वर्तमान सरपंच प्रतिनिधि आतिश लिल्हारे ने जनपद पंचायत कार्यालय के सामने भूख हड़ताल शुरु कर दी है। मामला जिला मुख्यालय से सटे ग्राम पंचायत कोहकाडीबर से पेंडरई पक्की सडक़ निर्माण का है।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार ग्राम कोहकाडीबर से पेंडरई तक कच्ची सडक़ है। इस मार्ग से आवागमन करने में ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पक्की सडक़ की मांग को लेकर अनेक बार प्रदर्शन किया गया। 11 नवंबर को कन्हडग़ांव चौक पर चकाजाम कर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान 15 दिनों में समस्या का निराकरण किए जाने का आवश्वासन दिया गया था। लेकिन अभी तक समस्या का निराकरण नहीं हुआ। विरोध में 10 दिसंबर से सरपंच प्रतिनिधि आतिश लिल्हारे के नेतृत्व में ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन कर दिया। जनपद पंचायत बालाघाट कार्यालय के सामने मंगलवार से सरपंच प्रतिनिधि आतिश लिल्हारे ने बेमियादी भूख हड़ताल प्रारंभ कर दी है।
प्रदर्शनकारी आतिश लिल्हारे और ग्रामीणों का कहना है कि उक्त मार्ग से ग्रामीणों के अलावा स्कूली छात्र-छात्राओं का आवागमन होता है। मार्ग के जर्जर होने से अनेक बार हादसा भी हो चुका है। पिछले 20 वर्षों से लगातार पक्की सडक़ बनाए जाने की मांग की जा रही है। जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों को भी ज्ञापन सौंपा गया है। लेकिन किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। जिसके कारण समस्या जस की तस बनी हुई है। मजबूरी में 10 दिसंबर से बेमियादी भूख हड़ताल प्रारंभ की गई है। यह प्रदर्शन मांग पूरी होने तक किया जाएगा।

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