दोगुनी राशि करने का लालच देकर रुपए जमा कराए, मैच्योरिटी होने पर भाग गया था

सागर। चिटफंड मामले में दोगुनी राशि करने का लालच देकर धोखाधड़ी करने के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। प्रकरण की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश सागर प्रशांत सक्सेना की कोर्ट में हुई। न्यायालय ने सुनवाई करते हुए आरोपी लक्ष्मी नारायण पिता लख्खूराम नामदेव उम्र 50 साल निवासी गुना को 5 वर्ष के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले में दो आरोपी फरार हैं। शासन की ओर से प्रकरण में पैरवी उप संचालक अभियोजन धर्मेंद्र सिंह तारन के निर्देशन में अपर लोक अभियोजक दीपक कुमार जैन ने की।
जिला अभियोजन सागर के मीडिया प्रभारी ने बताया कि पुरख्याऊ कैंची ब्रांच सागर निवासी उमेश कुमार चौधरी ने 28 अप्रैल 2022 को कोतवाली थाने में शिकायती आवेदन दिया था। शिकायत में बताया कि जी लाइफ डेवलपर एंड कॉलोनाइजर प्राइवेट लिमि. के डायरेक्टर लक्ष्मी नारायण नामदेव निवासी गुना ने उसे और उसके जैसे अन्य व्यक्तियों को वर्ष 2010 में उक्त कंपनी के ब्रॉसर, प्रोफाइल पंपलेट व अन्य दस्तावेज, कई अन्य प्रकार की फर्जी स्कीमें बताकर अधिक राशि का बोनस और ब्याज का प्रलोभन दिया। लाखों रुपए का निवेश करवाए। लक्ष्मीनारायण उनके घरों से राशि ले जाता था। मैच्योरिटी का समय पूरा होने पर आरोपी लक्ष्मीनारायण ने उन लोगों से ओरिजनल पॉलिसियां और दस्तावेज लेकर खुद के हस्ताक्षरित छोटी रसीद दी। लेकिन पैसे नहीं दिए। फोन करने पर फोन बंद मिला।
गुना के आफिस में ताला लगा मिला। आरोपी लक्ष्मीनारायण नामदेव और अन्य निर्देशक निवेशकों की राशि हड़प कर भाग गए। शिकायत पर जांच करते हुए पुलिस ने आरोपी लक्ष्मीनारायण और उनके सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच में लिया। मामले की जांच पूरी होने पर कोर्ट में चालान पेश किया। न्यायालय ने सुनवाई शुरू की। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने मामले से जुड़े साक्ष्य व दस्तावेज कोर्ट में पेश किए। साक्षियों की गवाही कराई। कोर्ट ने प्रकरण में सुनवाई करते हुए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को सजा सुनाई है।
