
सागर। तिलकगंज स्थित सूर्या अस्पताल में दुष्कर्म पीड़िता नाबालिग के प्रसव के मामले में पुलिस को सूचना न देने पर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। कैंट पुलिस ने बताया कि नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी साहिल को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले की जांच में अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही पाई गई है। कैंट थाना प्रभारी विजय सिंह राजपूत ने बताया कि जांच के बाद सूर्या अस्पताल के संचालक केके पटेल, अजहर खान व एक युवती के खिलाफ धारा 21 पॉक्सो एक्ट का इजाफा किया गया है। इन्होंने नाबालिग के प्रसव के संबंध में समय पर पुलिस को सूचना नहीं दी थी। पुलिस ने नवजात और नाबालिग प्रसूता को अभिरक्षा में लेकर बालिका गृह में रखवाया है। इस पूरे मामले में मप्र बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने संज्ञान लिया और नवजात की खरीद-फरोख्त की आशंका के चलते पुलिस अधीक्षक को पत्र जारी कर जांच के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि तिलकगंज स्थित सूर्या मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल में 26 नवंबर को दुष्कर्म पीड़िता का प्रसव हुआ था।
सूचना पर बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड सहित अन्य पुलिस अमला अस्पताल पहुंचा। जहां प्रसूता को दस्तयाब किया गया। बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य ओंकार सिंह ने बताया कि बच्चे को स्टांप पर नोटरी कर गोद नहीं लिया जा सकता। इसमें चाइल्ड ट्रैफिकिंग की आशंका रहती है।
