Spread the love

बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका – दामाद पर मौसी के साथ बेचने का आरोप
जबलपुर। हाई कोर्ट ने डेढ़ साल से लापता मां-बेटियों को लेकर फ्रेश स्टेटस रिपोर्ट तलब कर ली है। इसके लिए आठ जनवरी तक का समय दिया है। मामला वृद्धा की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका से संबंधित है। जबलपुर के शहपुरा थानांतर्गत रासयखेड़ा निवासी वृद्धा सिम्मी बाई का आरोप है कि उनकी पुत्री व नातिनों को दामाद ने मौसी के साथ मिलकर बेच दिया है। हाई कोर्ट के प्रशासनिक न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि इतना समय गुजरने के बावजूद पुलिस अब तक कोई पतासाजी नहीं कर पाई है।
बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाकर्ता ने अवगत कराया कि उसकी बेटी शीला का विवाह दिलीप चौधरी के साथ हुआ था। दोनों की दो नाबालिग बेटियां हैं। बेटी और नातिनें अप्रैल, 2023 से रहस्यमय तरीके से गायब हैं। जिसकी रिपोर्ट शहपुरा थाने में दर्ज कराई थी। यह भी बताया था कि दामाद ने अपनी मौसी कविता चौधरी के साथ मिलकर तीनों को बेच दिया है। इसके बावजूद पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। यहां तक कि दूसरे पक्ष के दबाव में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका वापस लेने विवश तक किया गया। वहीं पुलिस की ओर से बताया गया कि मां और बेटियां महाराष्ट्र से लापता हुए थे। पुलिस कर्नाटक और उड़ीसा में तलाश कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *