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5 करोड़ 14 लाख से अधिक के हुये अवार्ड पारित

दमोह : म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार परस्पर समझौते के आधार पर आमजन को त्वरित एवं सुलभ न्याय दिये जाने के उद्देश्य से आज 14 दिसम्बर 2024 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन  जिला न्यायालय दमोह तथा तहसील न्यायालय, हटा, पथरिया, तेंदूखेड़ा में श्री आनंद कुमार तिवारी, प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दमोह के मार्गदर्शन में किया गया।

            जिला न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दमोह श्री धर्मेश भट्ट द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि उक्त नेशनल लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित राजीनामा योग्य दांडिक, सिविल, चैक अनादरण, वाहन दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा, वैवाहिक मामले, विद्युत से संबंधित प्रकरणों के साथ-साथ बैंकों, दूरसंचार, विद्युत एवं नगर पालिका के प्रिलिटिगेशन प्रकरणों को निराकरण हेतु रखा गया। नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु जिला मुख्यालय दमोह एवं तहसील हटा, पथरिया व तेंदूखेड़ा हेतु कुल 24 खण्डपीठों का गठन किया गया है। प्रकरणों के निराकरण हेतु प्रधानजिला न्यायाधीश महोदय द्वारा नेशनल लोक अदालत के पूर्व व्यक्तिगत रूप से रूचि लेकर उपस्थित पक्षकारों व अधिवक्तागण को राजीनामा के आधार पर अपने प्रकरण का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से किये जाने हेतु प्रेरित किया गया।इसी प्रकार अधिवक्ताओं एवं न्यायाधीशगण के साथ चर्चा की जाकर अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण लोक अदालत के माध्यम से करवाये जाने हेतु प्रयास किया गया जिसके परिणाम स्वरूप इस नेशनल लोक अदालत में मोटर दुर्घटना के 45 प्रकरणों में कुल 2,90,32,000/-के अवार्ड पारित किये गये। इसके अतिरिक्त न्यायालयों में लंबित 128 विद्युत, 57 चैक अनादरण, 370 दांडिक, 33 सिविल के लंबित प्रकरणों सहित कुल 693 प्रकरणों का नेशनल लोक अदालत के माध्यम से निराकरण किया जाकर चार करोड़ उनहत्तर लाख निन्यानवे हजार आठ सौ अड़तीस रूपये के अवार्ड पारित किये गये, इसी प्रकार नेशनल लोक अदालत के माध्यम से प्रिलिटिगेशन के मामलों में कुल 370 प्रकरणों का निराकरण किया गया जाकर पैंतालीस लाख एक हजार एक सौ सड़सठ रूपये की वसूली की गई।

लोक अदालत ने फिर मिलाया बिछड़े दम्पत्त्यिों को कुटुम्ब न्यायालय में निराकृत हुये 09 प्रकरण

            कुटुम्ब न्यायालय दमोह में 09 लंबित प्रकरणों में पीठासीन अधिकारी श्री मोहम्मद अजहर, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय दमोह द्वारा पक्षकारों को समझाईश दी जाकर प्रकरणों में राजीनामा किये जाने हेतु प्रेरित किया, कुटुम्ब न्यायालय में तलाक हेतु लंबित 04 प्रकरण, धारा 9 हिन्दू विवाह अधिनियम के 01 प्रकरण, भरण-पोषण के 01 प्रकरणों सहित कुल 07 लंबित प्रकरणों का निराकरण पक्षकारों की आपसी सहमति व राजीनामा के आधार पर किया गया। कुटुम्ब न्यायालय के समक्ष एक ऐसे प्रकरण जिसमें आवेदिका प्रीति का विवाह 2017 में अनावेदक प्रहलाद के साथ हुआ था, जिसमे आवेदिका द्वारा अपने पति के साथ सौतन के शक में आए दिन विवाद होने के कारण आवेदिका ससुराल छोड़कर अपने बच्चे के साथ मायके आकर निवास करने लगी और पति के विरूद्ध भरण-पोषण का प्रकरण दर्ज कराया नेशनल लोक अदालत में पीठासीन अधिकारी एवं अधिवक्ताओं के द्वारा दोनों पक्षकार के मध्य सुलह कराने का प्रयास किया गया और बच्चे के भविष्य को लेकर समझाइश दी गई, जिसके उपरान्त पति-पत्नि ने एक दूसरे के गले में माला डालकर खुशी-खुशी विदा हुये। इसके साथ ही प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री आनंद कुमार तिवारी एवं प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय श्री मोहम्मद अजहर द्वारा दोनो पक्षकारों को स्मृति के रूप में फलदार पौधे प्रदान कर उन्हें भविष्य में विवाद न कर हंसी-खुशी अपना जीवन यापन करने की सलाह दी गई।

            यह नेशनल लोक अदालत सभी न्यायाधीशों एवं सभी अभिभाषक बंधुओं, जिला प्रशासन, पत्रकार बंधुओं, जिला न्यायालय एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समस्त स्टॉफ के सहयोग से सम्पन्न हुई।     श्री रजनीश चौरसिया जिला विधिक सहायता अधिकारी ने सभी के सहयोग हेतु आभार व्यक्त किया। नेशनल लोक अदालत में निराकृत प्रकरणों में पक्षकारगण को वन विभाग द्वारा उपलब्ध कराये गये फलदार पौधों का भी वितरण किया गया।

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