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केन-बेतवा लिंक और पावर्ती-कालीसिंध-चम्बल परियोजना का ग्वालियर अंचल को मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री ने जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर के विद्यार्थियों से किया संवाद
ग्वालियर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विश्व की पहली नदी जोड़ो परियोजना आकार लेने जा रही है। यह उनके द्वारा देश को दी गई एक बड़ी सौगात है, सौभाग्य है कि इससे मध्यप्रदेश लाभान्वित होगा और ग्वालियर अंचल को एक नहीं दो-दो परियोजनाओं का लाभ मिलेगा। केन-बेतवा लिंक परियोजना का अनुमानित बजट एक लाख करोड़ रुपए है। इसके साथ ही पावर्ती-काली-सिंध-चंबल लिंक परियोजना का भी क्रियान्व्यन आरंभ हो रहा है। शिवपुरी एक मात्र ऐसा जिला होगा, जो इन दोनों महत्वाकांक्षी परियोजनाओं से लाभन्वित होगा। प्रधानमंत्री मोदी के इस आशीर्वाद से आने वाली पीढ़ी मध्यप्रदेश की प्रगति और उन्नति का एक नया इतिहास रचेगी और मध्यप्रदेश एक आदर्श राज्य के रूप में आकार लेगा। इससे बुंदेलखण्ड क्षेत्र के साढ़े आठ लाख निवासी लाभान्वित होंगे। लॉर्ड मैकाले द्वारा लागू शिक्षा व्यवस्था के परिणाम स्वरूप विद्यार्थियों का सम्पूर्ण मनोविकास बाधित रहा। नई शिक्षा नीति ने ज्ञानार्जन की जिज्ञासा का समाधान करते हुए छात्र-छात्राओं के सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास के अवसर प्रदान किए हैं। विद्यार्थियों में जिज्ञासा के भाव को बनाए रखने और उन्हें विभिन्न क्षेत्रों की नवीनतम जानकारियां उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ही युवा संवाद कार्यक्रम आरंभ किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्वालियर में अटल बिहारी वाजपेयी अंतर्राष्ट्रीय कंवेंशन सेंटर में जीवाजी विश्वविद्यालय के युवा संवाद कार्यक्रम में विद्यार्थियों से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने विद्यार्थियों की कई जिज्ञासाओं का समाधान किया तथा उनसे विभिन्न विषयों पर चर्चा भी की।
काल गणना का केंद्र है उज्जैन……..
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विज्ञान की दुनिया के एक अनूठे संग्रहालय का शुभारंभ हुआ है, ग्वालियर के लिए आज का दिन विशेष है। सिंधिया राज्य की दूसरी राजधानी उज्जैन काल की गणना का केंद्र रहा है। विश्व में समय की गणना को सूर्य या चंद्राम से जोड़ा गया है। जबकि भारत में काल की गणना का आधार नक्षत्र रहे हैं। यह समय की सूक्ष्मतम और सर्वाधिक सटीक गणना है। इस पराम्परा के आधार पर ही पंचांग हमें सूर्यग्रहण, चंद्रग्रहण और अन्य खगौलीय घटनाओं की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराते हैं। सनातन संस्कृति की इस विधा के परिणाम स्वरूप ही देश का जन-जन समय की गणना को सरलतापूर्वक समझने में सक्षम हो पाया।
भू-गर्भीय गतिविधियों और खगोल विज्ञान पर युवाओं से किया संवाद….
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भू-गर्भीय गतिविधियों, खगोल विज्ञान, पृथ्वी की उत्पत्ति और जन-जीवन विषयों पर विद्यार्थियों से संवाद किया। संवाद के दौरान चंद्रमा और पृथ्वी के परस्पर संबंध, ग्रहों की महत्ता और उनके मानव जीवन पर प्रभाव, घड़ी के सिद्धांत और संत-समाज की परम्पराओं के संबंध में विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधन किया।
युवा विश्व का भविष्य : केन्द्रीय मंत्री सिंधिया
केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि युवा प्रदेश और देश ही नहीं, विश्व का भविष्य हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव युवाओं के साथ संवाद ही नहीं, प्रदेश के एक-एक अंचल का निर्माण कर रहे हैं। उनके अंदर मध्यप्रदेश को अग्रणी बनाने की कशिश और जज्वा है। उन्होंने युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिये विभिन्न योजनाएँ, औद्योगिकीकरण विकास के लिये कॉन्क्लेव और इंटरप्रेन्योरशिप के लिये स्टायपेड की व्यवस्था की है। हमारे मध्यप्रदेश का वैभव, भविष्य और शिल्पकार यह युवा पीढ़ी ही रहेगी। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मध्यप्रदेश के युवा देश, प्रदेश और विश्व का निर्माण करने में अपनी सर्वश्रेष्ठ भूमिका निभायेंगे।

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