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ग्वालियर। स्मार्ट इंडिया हैकथॉन (SIH), दुनिया का एक सबसे बड़ा ओपन इनोवेशन मॉडल है, जो कि भारत सरकार की एक पहल है जिसका उद्देश्य छात्रों द्वारा विकसित नवीन समाधानों के माध्यम से सरकारी विभागों और निजी संगठनों के सामने आने वाली गंभीर समस्याओं का समाधान करना है। देश के विभिन्न जगहों पर आयोजित हैकथॉन ग्रैंड फिनाले में अटल बिहारी वाजपेयी – आई आई आई टी एम के स्टूडेंट्स की टीम ने अपने अभिनव समाधान और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए स्मार्ट इंडिया हैकथॉन में प्रथम स्थान एवं रनर उप का खिताब अपने नाम किया और क्रमशः 1 लाख रुपये और 25 हज़ार रुपए का चेक पुरुस्कार के रूप में जीता।
संस्थान के निदेशक प्रो. एस एन सिंह ने विजेता छात्रों को उनकी उल्लेखनीय सफलता पर बधाई दी। उन्होने कहा कि हमें यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि आई आई आई टी एम ग्वालियर की दो टीमें स्मार्ट इंडिया हैकथॉन 2024 के ग्रैंड फिनाले में विजयी हुई हैं! उनके अभिनव समाधान, कड़ी मेहनत और टीम वर्क ने हमें गौरवान्वित किया है और हमारे छात्रों की प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित किया है। हमारी विजेता टीमों को उनके समर्पण और उपलब्धि के लिए बहुत-बहुत बधाई!
प्रो. सिंह ने कहा कि स्मार्ट इंडिया हैकथॉन कार्यक्रम का आयोजन प्रैक्टिकल और थ्योरेटिकल नॉलेज के बीच के गैप को खत्म करने के लिए किया जाता रहा है। इससे हमारे बच्चों को अच्छा मौका मिले और वो क्रिएटिविटी तथा नवाचार की तरफ बढ़ें। आज भारत दुनिया की अग्रणी डिजिटल इकोनॉमी में से एक है। भविष्य की दुनिया नॉलेज और इनोवेशन से ही संचालित होने वाली है। जैसा कि हम भविष्य की ओर देखते हैं, एसआईएच भारत को एक उज्जवल और स्मार्ट भविष्य की ओर ले जाने वाले नवप्रवर्तकों की अगली पीढ़ी को प्रेरित और सशक्त बनाता रहेगा। उन्होने बताया कि स्मार्ट इंडिया हैकथॉन (SIH) की परिकल्पना युवा दिमागों के बीच नवाचार और आउट-ऑफ़-द-बॉक्स सोच को बढ़ावा देने के लिए की गई है और इसका उद्देश्य हमारे देश के प्रत्यक्ष लाभ के लिए लाखों भारतीय छात्रों की रचनात्मकता और तकनीकी विशेषज्ञता का उपयोग करने के लिए एक मॉडल को संस्थागत बनाना है।
संस्थान की ओर से हैकथॉन 2024 के मुख्य समन्वयक डीन ऑफ स्टूडेंट्स अफ़्फ़ेएर्स प्रो. जोयदीप धर तथा सह समन्वयक डॉ. वीनल पटेल, डॉ. जीवाराज एस., डॉ. दीपक देवांगन और डॉ. प्रज्ञा स्वामी थे।
स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2024 के 7वें संस्करण में संस्थान की टीम्स राष्ट्रीय विजेता बनकर उभरी। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) द्वारा शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल (एमआईसी) के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में 57,000 से अधिक टीमों ने भाग लिया। इनमें से 1,300 टीमों को ग्रैंड फिनाले के लिए चुना गया। बीते 7 सालों में जितने भी हैकाथॉन हुए हैं, उनके बहुत सारे सॉल्यूशन और सुझाव आज देश के लोगों के लिए बहुत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं, आज अलग-अलग मंत्रालयों में बहुत काम आ रहे हैं। कई बड़ी समस्याओं का समाधान इन हैकथॉन्स ने दिया है। यह सोल्युशंस सरकार और समाज दोनों की ही मदद कर रहे हैं। इसके उद्घाटन वर्ष में 42000 से अधिक छात्रों ने विभिन्न उद्योगों और सरकार द्वारा प्रदान की गई 600 समस्या विवरणों तथा वास्तविक दुनिया की चुनौतियों से निपटने में भाग लिया। इस जबरदस्त प्रतिक्रिया से हैकथॉन का तेजी से विकास हुआ। 2023 तक संचयी भागीदारी में 5000 से अधिक संस्थानों के 12 लाख से अधिक छात्रों ने लगभग 2500 समस्या कथनों का समाधान किया था। तब से एसआईएच का अभूतपूर्व प्रदर्शन रहा है और इसने कुछ अभूतपूर्व समाधान प्रदान किए हैं तथा कई जीवनों को प्रभावित किया है। पिछले कुछ वर्षों में 10000 से अधिक नवीन समाधान विकसित किए गए हैं, जिनमें से कई को सरकारी एजेंसियों और उद्योगों द्वारा अपनाया गया है। हैकथॉन ने प्रतिभागियों के लिए 500 से अधिक इंटर्नशिप और नौकरी की पेशकश की भी सुविधा प्रदान की है।
विजेता टीम, * हैलोवर्ल्डएलटी * सॉफ्टवेयर संस्करण में प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया है। टीम लीडर लता के नेतृत्व में टीम के सदस्यों, संकल्प, रिशुल, गौरांग, प्रणव और स्वप्निल ने संस्थान का नाम रोशन किया। इस टीम ने पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा प्रदान की गई समस्या विवरण आईडी 1658 को हल किया व अपने अभिनव समाधान के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। विजयी टीम ने बताया कि हमारे नवोन्मेषी समाधान, जिसका नाम समुद्रपथ है, का भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (आईएनसीओआईएस) के प्रमुख वैज्ञानिकों द्वारा कठोर परीक्षण किया गया और इसे सभी प्रतिस्पर्धी प्रविष्टियों में सर्वश्रेष्ठ के रूप में सराहा गया। टीम की उत्कृष्ट उपलब्धि ने हमें ₹1,00,000 का शीर्ष पुरस्कार दिलाया।

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