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सदस्यों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में किया हंगामा, चुनाव फिर से कराने की मांग
अशोकनगर। मांझी मछुआ मतस्य सहकारी समिति के चुनाव में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए समिति सदस्यों ने रिटर्निंग अधिकारी आरएल सगर के कार्यालय में जमकर हंगामा किया। गुरुवार को समिति सदस्य कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां उन्होने चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए कहा कि एक पक्ष को लाभ पहुंचाने यह मनमानी की गई है। इस दौरान समिति सदस्यों द्वारा फिर से चुनाव कराये जाने की मांग की गई।
दरसअल, कुछ दिन पहले ही मांझी मछुआ मतस्य सहकारी संस्था अशोकनगर के सदस्यों के चुनाव कराये गये थे। जिसमें दो अभ्यर्थियों की जानकारी के बिना उनके नामांकन वापस बता दिए, तो वहीं 3 का नामांकनों को रिजेक्ट कर दिया। ऐसे ही चुनाव में नियमविरुद्ध एक ही परिवार के 4 सदस्यों को संचालक बना दिया है। इन सब गड़बडिय़ों को लेकर गुरुावार को समिति के सदस्यों ने जमकर हंगामा किया। उन्होने बताया कि 36 सदस्यों वाली इस समिति में संचालक मंडल 11 सदस्य चुने जाना थे। 11 नामांकनों तक तो चयन निर्विरोध रहता लेकिन इससे ज्यादा होने पर सभी संचालक पद के लिए मतदान होना था। सदस्य राजेश केवट व मुकेश केवट का आरोप है कि उन दोनों के नामांकन बिना उनके पहुंचे ही अभ्यर्थिता वापस लेना बताकर हटा दिए जबकि वह अभ्यर्थिता वापस लेने गए ही नहीं इसकी शिकायत उन्होंने कलेक्टर से की है। वहीं सदस्य हेमंत पुत्र रामकुमार उर्फ रामबाबू शेखर पुत्र रामप्रसाद व प्रेम पुत्र रामकिशन रैकवार के नामांकन रिटर्निंग ऑफिसर ने आधार कार्ड में पिता का नाम गलत होना बताकर निरस्त कर दिए। इससे उन्होंने कलेक्टर से शिकायत कर फिर से चुनाव कराने की मांग की है।
11 में से 4 सदस्य एक परिवार के, जो नियम विरुद्ध:
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि नियम अनुसार एक परिवार का एक सदस्य ही समिति में रह सकता है। लेकिन यहां मनमाने तरीके से 11 सदस्यीय संचालक मंडल में 4 सदस्य एक परिवार के बना दिए हैं। जिनमें बाबूलाल व उनकी पत्नी फुलाबाई और दो पुत्र सुनील व मोहित को संचालक मंडल में शामिल कर दिया है।
इनका कहना:
चुनाव में नियम यह है कि सूची में शामिल सदस्य नामांकन कर सकता है और संचालक बन सकता है। सब नियमानुसार ही हमने किया है। 36 सदस्यों की सूची बनी थी, लेकिन उस पर किसी ने आपत्ति दर्ज नहीं कराई और सूची में नियमानुसार एक परिवार का एक सदस्य होना चाहिए, लेकिन पहले से ही इसमें एक परिवार के चार सदस्य दर्ज हैं। जिन पर पूर्व में आपत्ति लगना थी।
आरएल सगर, रिटर्निग अधिकारी

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