
भोपाल । हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल ने क्राइम ब्रांच द्वारा अवैध हिरासत में रखे जाने और 18 लाख रुपए की मांग किए जाने वाली याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। न्यायमूर्ति ने थाने के सीसीटीवी फुटेज पेन ड्राइव में पेश करने के आदेश दिए हैं।इसके साथ ही पुलिस आयुक्त भोपाल को शपथ पत्र के साथ जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा है।
राजस्थान के ग्राम नोखा जिला बीकानेर निवासी छात्र राजाराम की ओर से यह याचिका दाखिल की गई है। याचिकाकर्ता अपने तीन साथियों के साथ विवाह समारोह में शामिल होने के लिए जा रहे थे। इसी बीच सादे कपड़ों में क्राइम ब्रांच की पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। अगले दिन एमपी नगर भोपाल स्थित अपराध शाखा में ले जाया गया।
याचिकाकरता ने आरोप लगाया है, सादे कपड़ों में आये पुलिसकर्मियों ने रास्ते में शराब पी। उसकी सोने की अंगूठी, चेन, कड़ा, पर्स और मोबाइल छीन लिया। अपराध शाखा भोपाल में 5 दिसंबर से लेकर 8 दिसंबर तक हिरासत में रखा। मजिस्ट्रेट के सामने पेश नहीं किया गया। लगातार मानसिक रूप से अवैध हिरासत में रखकर प्रताड़ित किया गया। उसके हाथ पैरों में बेड़िया डाल दी गई थी। पुलिसकर्मियों ने उनके परिवार जनों से 18 लाख रुपए की मांग रखी। रिश्ते का एक भाई सुखदायल जब थाने पहुंचा। तो उसे भी कुछ देर के लिए लाकअप में बंद कर दिया। बाद में उसे रुपए लाने के लिए छोड़ा था।
