
इंदौर। संयुक्त परिवार द्वारा प्रभु चरित्रामृत श्रवण का एकीकृत प्रयास के तहत आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान महोत्सव में कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। भक्तों ने नंद घर आनंद भयो जय कन्हैयालाल के उदघोष के साथ दर्शन का लाभ लिया और कृष्ण जन्मोत्सव की खुशियां मनाई। भक्त खूब नाचे।
पंडित पुष्पानंद महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि भगवान के कार्य में प्रदर्शन नहीं बल्कि दर्शन का भाव रखें। किसी को सुख देने से भगवान आपको भी सुख और वैभव प्रदान करते हैं। आनंद दिखता नहीं है यह तो महसूस होता है और जिसे प्रभु अपने दर्शन देते हैं उसे आनंद की अनुभूति होती है और वह आनंद से झूमने लगता है और कहता है कि आज तो आनंद आ गया। इसलिए ही कहा जाता है कि नंद घर आनंद भयो जय कन्हैयालाल की। दान करने से धन घटता नहीं है बल्कि उससे कई गुना वापस लौट कर आता है। कोई दान मांगने आए तो उसे खाली हाथ नहीं जाने दें। कभी भी नारी की निंदा मत करो। नारी ही जगत की जननी है। नारी जब तक मर्यादा में रहती है तब तक उसे कोई भी हाथ नहीं लगा सकता है लेकिन जब वह लक्ष्मण रेखा से आगे जायेगी तो फिर तो रावण उसका अपहरण करेगा । भक्ति और समर्पण होगा तो भगवान आपके घर भी आएंगे। भगवान के चरणानविंद को धोकर पी लो और भोग अर्पण कर दो तो कलयुग का कोई प्रभाव नहीं होगा। समय खराब होता है तो आपका लिया, दिया काम आता है और प्रभु भी आपकी सहायता करने के लिए आते हैं।
राधे राधे बाबा ने कहा कि प्रयाग कुंभ में संत सेवा कार्यों में अपना जितना योगदान दे सकें, दें। धर्म को समझो और फिर अपने जीवन में उतारो। कपट और छल छोड़ो तो राम मिल जाएंगे। चरित्रवान बनने से राम के गुण आएंगे और चरित्रहीन बनने से रावण के अवगुण आएंगे।
व्यास पीठ का पूजन डॉ. सुरेश, महेश सुभाष, दिनेश राठी, लीलादेवी , संजय, मनोज, मुकेश परवाल, कैलाश चंद्र, पीयूष परवाल, सतीश मालपानी, संतोष आगीवाल ने किया।
