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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भी अगले आदेश तक पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी है. सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के मामले पर सुनवाई हुई. इस दौरान दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि राजधानी में पटाखों पर पूरे साल स्टॉक और बिक्री पर रोक लगा दी है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, इसका असर तभी पड़ेगा, जब दूसरे शहरों में भी ऐसी ही रोक हो. इसलिए यूपी और हरियाणा भी ऐसा करें. अब इस मामले में 15 जनवरी को अगली सुनवाई होगी.
पटाखों पर बैन लगाने के मामले में एमिकस ने कोर्ट को बताया कि दिल्ली में पटाखों पर पूरी तरह से प्रतिबंध है, लेकिन इसे प्रभावी बनाने के लिए एनसीआर राज्यों पर भी प्रतिबंध होना चाहिए. दिल्ली सरकार की ओर से सीनियर एडवोकेट फरासत ने अदालत को सूचित किया कि दिल्ली ने पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री, वितरण और उपयोग पर व्यापक प्रतिबंध लगा दिया है. उन्होंने जोर देकर कहा कि इस उपाय के प्रभावी होने के लिए, पड़ोसी एनसीआर राज्यों को इसी तरह के प्रतिबंधों को अपनाना चाहिए, क्योंकि पटाखे अभी भी उन राज्यों से दिल्ली में लाए जा सकते हैं. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा को दिल्ली की तर्ज पर पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया. जस्टिस अभय एस ओक और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने कहा, हमारा मानना है कि यह प्रतिबंध तभी प्रभावी होगा जब एनसीआर क्षेत्र में शामिल अन्य राज्य भी इसी तरह के उपाय लागू करेंगे. यहां तक कि राजस्थान राज्य ने राजस्थान राज्य के उस हिस्से में भी इसी तरह का प्रतिबंध लगाया है, जो एनसीआर क्षेत्रों में आता है. कुछ समय के लिए हम उत्तर प्रदेश और हरियाणा राज्यों को इसी तरह के प्रतिबंध लगाने का निर्देश देते हैं, जो दिल्ली राज्य द्वारा 19 दिसंबर 2024 के आदेश के तहत लगाया गया है. कोर्ट को सूचित किया गया कि हरियाणा ने ग्रीन पटाखों के उपयोग की अनुमति दी थी, जबकि राजस्थान ने एनसीआर के भीतर आने वाले क्षेत्रों में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था.

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