

इंदौर। संयुक्त परिवार द्वारा प्रभु चरित्रामृत श्रवण का एकीकृत प्रयास के तहत आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान महोत्सव में गोवर्धन पूजा की गई और भगवान श्रीनाथ जी को 56 भोग लगाया गया। भक्तों ने गिरिराजधरण की जय के उदघोष के साथ दर्शन का लाभ लिया और भगवान द्वारा इंद्रदेवता के प्रकोप से बृज वासियों को बचाने की खुशियां मनाई। भजनों पर भक्त खूब नाचे।
पंडित पुष्पानंद महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि भगवान आपकी मति, आपके मस्तिष्क में आएंगे वे आपके हृदय में विराजित हो जाएंगे। इस जगत में हर आत्मा श्रीकृष्ण की अर्धांगिनी है। ये जन्म भगवान से संबंध बनाने के लिए मिला है। हम संसार में संबंध बनाते हैं लेकिन जब सत्संग में आते हैं तो भगवान से संबंध कायम हो जाता है। भगवान के किसी भी रूप का निरादर मत कीजिए। जीवन रूपी गाड़ी का ड्राइवर भगवान को बना लो, तो जीवन सहज रूप से जी लोगे। माया साथ न जाएगी। माला जपो वही जीवन और जीवन के बाद भी साथ जाएगी। गोवर्धन भगवान विष्णु का ही एक स्वरूप है। जब तक गंगा की धार और गिरिराज की चोटी नजर आएगी, तब तक कलयुग का प्रारंभ नहीं होगा।
महाराज ने गोवर्धन पूजा का महत्व बताते हुए कहा कि गोवर्धन पर्वत ने 40 लाख साल तक भगवान कृष्ण की प्रतीक्षा की बात कही और भगवान के पूजन की बात कही तो भगवान ने कहा कि जो मेरी प्रतीक्षा करने की बात कह रहा है तो उसकी पूजा मैं करूंगा। इस तरह भगवान ने गोवर्धन पूजा की।
व्यास पीठ का पूजन सुभाष, दिनेश, कमल राठी, अनुराधा परवाल, शुभम, सौम्या परवाल, मुकेश परवाल ने किया।
