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भाजपा के पूर्व और वर्तमान परिवहन मंत्री एक दूसरे पर ही भाजपा को समाप्त करने, लगा रहें हैं आरोप, मामला उगाही का है: जीतू पटवारी
मप्र में भ्रष्टाचार इतना कि 10 हजार करोड़ की संपत्ति, केवल 1100 करोड़ में बेच दी गई है: जीतू पटवारी
भोपाल। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुये प्रदेश की एक वर्ष की भाजपा सरकार और उसमें व्याप्त भारी भ्रष्टाचार, कर्ज और अपराधों की श्रृखंला पर सरकार को कटघरे में खड़ा करते हये मोहन यादव सरकार पर प्रश्नचिन्ह लगाया है।
,पटवारी ने कहा कि जहां एक ओर भाजपा एक वर्ष पूरा होने पर जनकल्याण पर्व मना रही है वहीं भाजपा से संरक्षित नेताओं, अधिकारियों और छोटे से कर्मचारियों के यहां करोड़ों की बेनामी संपत्ति के मिलने के खुलासे हो रहे हैं तो कहीं करोड़ों रूपये के सोने और चांदी पकड़े जाने की खबरे सामने आ रही है। इससे स्पष्ट है कि मोहन यादव की सरकार में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हो रहा है। हाल ही में सामने आये भ्रष्टाचार के मामले, जिसमें एक आरटीओ आरक्षक के यहा से करोड़ों रूपयें की संपत्ति मिली है। करप्शन के समुद्र का आरटीओ विभाग का यह मामला सबसे छोटी मछली है, तो प्रदेष में कितने बड़ी-बड़ी मछलिया होगी, इसका अनुमान लगाया जा सकता है। आयकर और लोकायुक्त के छापे पड़ रहे हैं, जिसमें अधिकारियों, कर्मचारिेयों के यहां लाखों-करोड़ों रूपयों की बेनामी संपत्ति मिल रही है, सरकार के एक साल की यही सच्चाई है।
श्री पटवारी ने कहा कि 20 से प्रदेश में भाजपा की सरकार है, यह सरकार जनता की नहीं, माफियाओं की सरकार हैैं, जो भाजपा की सांठगांठ से चल रही है, जिसे पहले शिवराज सिंह ने चलाया और अब मोहन यादव चला रहे हैं। शिवराज सिंह की झूठी-सच्ची योजनाओं के दम पर चुनाव हुआ और मोहन यादव को पर्ची के जरिये मुख्यमंत्री बना दिया गया और पर्ची से बने मुख्य मंत्री मोहन यादव की पर्ची काफी महंगी पची हो गई है, कर्ज की सरकार चल रही है। प्रत्येक व्यक्ति पर 70 हजार का कर्ज है और सरकार द्वारा कर्ज के नाम पर राजनीतिक अय्याशी की जा रही है। मेरे पास इससे नीचे का काई शब्द नहीं है। सरकार का जब कर्ज से पेट नहीं भरता है तो संपत्तियां बेचते हैं। अब तक 10 हजार करोड़ की संपति बेची जा चुकी है।
जीतू पटवारी ने कहा कि धांधली का सोना मंत्रियों का है जो गाड़ियों में लावारिस मिलता है। हाल ही में भोपाल में 52 किलो सोना मिला, 11 करोड़ केश मिला है। मैं फिर कहूंगा कि मोहन यादव की पर्ची बहुत महंगी है, सोने की थाल में सरकार खाना खा रही है और देष भर में किसान डंडे खा रहे हैं। यहां सिपाही ही करोड़पति है। एनसीआरबी के आंकड़े कहते हैं जमीन के सबसे ज्यादा घपले-घोटाले एमपी में ही हो रहे हैं। जिसमें मप्र टाप फाइव की श्रेणी में है।
श्री पटवारी ने कहा कि प्रदेश में आइटी की लगातार रेड हो रही है, आरटीओ का छापा मामले में सबसे छोटी मछ्ली सामने आई हैं। आरटीओ के अधिकारी का हवाला देते हुये उन्होंने बताया कि 35 करोड़ महीना की उगाही हो रही हैं। बीते 15 साल में 15 हजार करोड़ की धांधली हुई हैं। चुनाव में बीजेपी के उम्मीदवारों को 06 – 06 करोड़ दिए गए। हैलीकॉप्टर से पैसा पहुंचाया गया। बीजेपी में चोरी के माल का रगड़ा चल रहा है। कांग्रेस विधायक विधानसभा में पूछते हैं कोई प्रष्न करते हैं तो भाजपा बताती नहीं केवल तीन दिन विधानसभा चली सरकार ने अपने कागजी काम निपटाये, बिल पास कराए और खत्म। उन्होंने कहा कि टेंडर में 50 प्रतिशत का खेल हो रहा है।
श्री पटवारी ने कहा कि भोपाल के जंगल में मिली कार से न सिर्फ कला खजाना मिला है, बल्कि अब इस खजाने से जुड़े कई सियासतदार और अफसरों के चौंकाने वाले नाम भी सामने आने की आशंका है। परिवहन विभाग के पूर्व कर्मचारी सौरभ शर्मा और उसके साथी चेतन गौर पर लोकायुक्त छापे में बड़ी संख्या में संपत्ति के दस्तावेज, नगद राशि, और सोना, चांदी, एवं महंगे आइटम मिले हैं, जिसकी अनुमानित की घर का सामान लगभग 30 लाख रूपये,? नगर राषि 01 करोड़ 72 लाख, चांदी 2 करोड़ 10 लाख, नगर 1 करोड़ 72 लाख, चादी 2 करोड़ 10 लाख, यानि कुल 4 करोड़ 12 लाख। सामान, वाहन और घर के सामान की कुल कीमत -2,21,00,000, सोना व हीरा के आभूषण 50,00,000/ यानि कुल कीमत रू 3,86,00,000 दो स्थानों पर हुई छोपेमारी में कुल अभी तक मिले सामान, आभूषण, चांदी व नगदी कुल राशि लगभग 8 करोड़ के आसपास है।
श्री पटवारी ने कहा कि भोपाल में लोकायुक्त के छापे के दौरान परिवहन विभाग के एक पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के घर से 40 किलो चांदी और नोटों का बंडल बरामद किया गया। लोकायुक्त की छापेमारी में ढाई करोड़ रुपये और चांदी के साथ-साथ संपत्ति के कागजात मिले, सौरभ पर नाकों में पोस्टिंग के लिए दलाली का आरोप है। पिछले 8 दिनों में अखबारों की खबरें क्या है, लोकायुक्त से बचने के लिए गाड़ी में सोना छुपाया, करोड़पति सिपाही के निवास से 2 करोड़ 85 लाख नगदी, 52 किलो सोना बरामत आदि एन सी आर बी के आंकड़े कहते है कि मध्यप्रदेश सबसे करप्ट राज्य है। जमीनों के घोटाले में मध्यप्रदेश नंबर वन राज्य है।
श्री पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश में लोकायुक्त की छापामारी ने एक बड़े काले धन के नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। यह मुद्दा प्रदेश और देश की राजनीति, प्रशासन और न्याय व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती प्रस्तुत करता है। पार्टी ने निर्णय लिया है, हम अपना धर्म निभाएंगे। हम मांग करते हैं कि परिवहन विभाग मामले में सीबीआई या न्यायायिक जांच हो। हम हाई कोर्ट में याचिका दायर करेंगे। परिवहन विभाग के 20 साल के कार्यकाल की जांच होनी चाहिए। इस मामले में अगले हफ्ते याचिका दायर करेंगे। जब सिपाही करोड़ खा रहा है तो पीएस और मंत्री का अंदाजा लगा पाना ही मुश्किल है। विगत दो वर्ष में ट्रक बस और अन्य वाहनों से चालान काट-काट कर सिर्फ परिवहन विभाग से ही 10 हज़ार करोड़ का काला धन एकत्र किया गया है और आम लोगो को परेशान कर लूटा जा रहा है।
श्री पटवारी ने बताया कि मुझे विभाग के एक पूर्व बड़े अधिकारी ने बताया की प्रदेश में प्रति माह 30.60 करोड़ रुपए जो की साल के 375 करोड़, वही जिले आरटीओ से मिलने वाली राशि और सालभर के रोटेशन (अधिकारियों को एक से दूसरी जगह भेजने) से 150 करोड़ अतिरिक्त आते है जो की सब मिलाकर 550 करोड़ प्रति वर्ष होता है, इस काले धन को कई हिस्सेदारो में जो की छोटे से बड़े पद पर है में बाटा जाता रहा है, ये साल का करोड़ो रुपए काला धन बीजेपी सरकार को मिलता आया है। इस काली लूट की कमाई से ही बीजेपी सरकार ख़रीदने का काम, बड़े बड़े पाईव स्टार होटल जैसे ऑफिस बनाने में करती आई है यही लूट का पैसा अधिकारी से लेके गोदी मीडिया और राजनेताओं को खरदीने में करती आई है। वर्तमान लोकसभा चुनाव में भी प्रदेश में उस काले धन का उपयोग किया गया है, एक बार प्रदेश से पैसे हवाई जहाज़ भर कर दिल्ली भी गया है जिसकी जाँच की जाना आवश्यक है।
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस प्रदेश मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, प्रदेष कांग्रेस के उपाध्यक्ष संगठन प्रभारी राजीव सिंह सहित अन्य प्रवक्तागण भी उपस्थित थे।

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