




दमोह : पानी बहुत बड़ी चीज है, पहले प्रदेश के अंदर 07 से 7.5 लाख हेक्टेयर सिंचाई होती थी धीरे-धीरे सिंचाई बड़ी और उसके बाद सिंचाई का रकबा बढ़ता गया, अब 45 लाख हेक्टेयर सिंचाई का रकबा हो गया हैं। इस आशय की बात पूर्व मंत्री एवं दमोह विधायक जयंत कुमार मलैया ने आज कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित किसान सम्मेलन एवं कृषि विज्ञान मेले के दौरान कही। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती और भगवान बलराम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर नितेन्द्र सिंह लोधी, हरिश्चद्र पटेल, नर्मदा सिंह एकता, श्रीराम पटेल, पूरन पटेल, कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर, एसडीएम दमोह आरएल बागरी, उप-संचालक कृषि जितेन्द्र सिंह राजपूत मंचासीन रहे।
पूर्व मंत्री एवं दमोह विधायक श्री मलैया ने कहा किसानों को नई टेक्नोलॉजी से बने नये-नये यंत्रो का उपयोग करना चाहिए, जानकारी इकट्ठी करेंगे और काम करेंगे, उतनी लागत कम एवं उत्पादन और आय बढ़ाएंगे। कार्यक्रम उपंरात अतिथियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में लगाई गई प्रदर्शनी और डेमोस्ट्रेशन के लिए आए कृषि यंत्रों का अवलोकन किया। कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों और अधिकारी-कर्मचारी, किसानों ने खजुराहो में आयोजित केन-बेतवा लिंक परियोजना कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखा व सुना गया। पूर्व मंत्री एवं दमोह विधायक जयंत कुमार मलैया ने कहा कहा केन बेतवा लिंक परियोजना का आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी शुभारंभ कर रहे हैं, इस योजना के अंदर आठ डेम है, इससे लगभग 18 लाख हेक्टेयर जमीन की सिंचाई होगी, जिनका सभी को लाभ मिलेगा। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी के चरणों में नमन किया। श्री मलैया ने कहा उनके साथ रहकर छोटी-छोटी बातें सीखने का बहुत अवसर मिला।प्रदर्शनी का अवलोकन कर रहे किसान सत्यपाल पटेल ने कहा सुपर सीडर में कृषि अभियांत्रिकी की तरफ से 1 लाख 5 हजार का अनुदान मिला है, उससे स्वयं की बोनी भी की है और किराए पर भी चलाया है। उन्होंने कहा नई-नई मशीनों का किसानों को पता चलता है, तो उससे उत्पादन भी बढ़ेगा और भविष्य में किसानों को लाभ भी होगा।
इसी प्रकार तेंदूखेड़ा के ग्राम बोरिया से आये बलवंत यादव ने कहा यहां पर मेला लगा हुआ है, यहां पर अनुदान पर कृषि यंत्र रखे हुए हैं जिन किसानों को यह यंत्र लेने हैं, उसके बारे में सभी कुछ बताया गया है। इसी प्रकार सीता नगर सरपंच नरोत्तम पटेल ने कहा मेले में बहुत सारे कृषि के यंत्र, जैविक दवाई, जैविक उत्पाद, सहित विभिन्न कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी लगाई गई हैं, जो आधुनिक खेती के लिए फायदेमंद है। इनका सिस्टमैटिक उपयोग करें तो किसान खेती को दोगुना कर सकता है।
इसी प्रकार एग्रोदूत कंपनी के को-फाउंडर ने कहा एग्रोदूत एक एआई पर आधारित एक नई तकनीक हैं, जिससे किसानों को बुवाई से लेकर कटाई तक के सारे सॉल्यूशन एक प्लेटफार्म पर उपलब्ध हैं, किसान आम भाषा में सवाल पूछ कर अपनी भाषा में सारी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होनें कहा यह सारे के सारे प्ले स्टोर पर उपलब्ध है इस अवसर पर हरिश्चंद्र गुड्डू पटेल, नर्मदा सिंह एकता, श्रीराम पटेल, उप संचालक कृषि जितेन्द्र सिंह राजपूत ने अपनी-अपनी बातें विस्तार से रखी। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, निजी कस्टम हायरिंग, पावर स्प्रेयर, मृदा हेल्थ कार्ड योजनांतर्गत नवीन निर्मित आवंटित प्रयोगशाला सहित अन्य किसानों को अतिथियों द्वारा हितलाभ वितरण किये गए। कार्यक्रम का संचालन विपिन चौबे ने किया और आभार प्रदर्शन उप-संचालक कृषि जितेन्द्र सिंह राजपूत ने किया।कार्यक्रम में किसानों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण 85, आयुष्मान कार्ड 01, टी.बी. स्क्रीन सैम्पल 25 लिए गए।
