पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जांच के लिए किया था एसआईटी का गठन
चंडीगढ़। जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के साक्षात्कार देने में मदद के आरोप में पंजाब सरकार ने डीएसपी रैंक के अधिकारी को बर्खास्त कर दिया है। पंजाब के गृह विभाग के सचिव गुरकीरत कृपाल सिंह ने बर्खास्तगी के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस मामले में पंजाब सरकार ने अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कर डीएसपी गुरशेर सिंह संधू को बर्खास्त कर दिया है। बता दें कि मार्च 2023 में एक निजी चैनल ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के दो साक्षात्कार प्रसारित किए थे। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने इस मामले में जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था।
बर्खास्तगी आदेश के मुताबिक एसआईटी ने निष्कर्ष निकाला है कि पंजाब पुलिस सेवा के अधिकारी संधू ने लॉरेंस के हिरासत में रहते पर एक टीवी चैनल को वीडियो रिकॉर्डिंग करने में मदद की थी। पंजाब पुलिस के विशेष जांच दल ने इस मामले में पिछले साल जुलाई में हाई कोर्ट को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि अपराध और अपराधियों का महिमामंडन करने वाला यह इंटरव्यू उस समय लिया गया, जब गैंगस्टर दो साल पहले मोहाली के खरड़ में पंजाब पुलिस की हिरासत में था.
बता दें कि गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई 2022 में हुए सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के आरोपियों में शामिल है। इससे पहले इस केस में ही अक्टूबर में सात पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था। पंजाब सरकार का कहना है कि गुरशेर सिंह संधू ने खरड़ में लॉरेंस की हिरासत के दौरान कदाचार और कर्तव्य के प्रति लापरवाही की है, जिसके कारण पंजाब पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचा है।
बर्खास्तगी के आदेश में कहा है कि ड्यूटी को ठीक से न निभाना अनुशासन और आचरण नियमों का उल्लंघन है। ये सरकारी आदेश पंजाब लोक सेवा आयोग (पीपीएससी) की मंजूरी के बाद आए हैं, जो पीपीएस कैडर अधिकारियों के लिए नियुक्ति प्राधिकरण है। पंजाब सरकार ने पिछले महीने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट को सूचना दी थी कि वे साक्षात्कार के सिलसिले में डीएसपी को सेवा से बर्खास्त कर रहे हैं।
