
जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) के सदस्य बाबूलाल कटारा की गिरफ्तारी के बाद एसआईटी की रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। कटारा ने 2021 की एसआई परीक्षा के प्रश्नपत्र न केवल अपने सहयोगी रामू राम रायका को दिए, बल्कि उदयपुर के सरकारी लेखाकार पुरुषोत्तम दाधीच को भी लीक किए थे। दाधीच ने परीक्षा से एक महीने पहले इन पेपर्स को बेचा था।
रिपोर्ट में एसआईटी ने परीक्षा रद्द करने की सिफारिश की है। इस मामले में अब तक 45 प्रशिक्षु एसआई को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें से 25 को जमानत मिल गई है। एसआईटी ने राजस्थान की पिछली सरकार पर आरोप लगाया है कि चुनाव से पहले जल्दबाजी में नियुक्तियां की गईं थी। आरपीएससी पर जांच में सहयोग न करने का भी आरोप है।
एसआईटी रिपोर्ट के मुताबिक बाबूलाल कटारा ने रायका को 2021 एसआई परीक्षा के छह सेट प्रश्नपत्र दिए थे। पहले माना जा रहा था कि लीक पेपर सिर्फ रायका के परिवार तक ही सीमित था, जिसमें उनके बेटा देवेश और बेटी शोभा शामिल है, दोनों को प्रशिक्षण के दौरान गिरफ्तार किया था, लेकिन अब पता चला है कि बाबूलाल कटारा ने ये पेपर दाधीच को भी दिए थे। दाधीच ने इन पेपर्स को पैसे लेकर बेचा था। चूंकि दाधीच फरार है, इसलिए यह साफ नहीं हो सका है कि उसने और कितने लोगों को पेपर बेचे हैं। एसआईटी को शक है कि दाधीच ने कुछ कोचिंग सेंटर्स को भी पेपर बेचे होंगे। यह नया खुलासा रेणु कुमारी की गिरफ्तारी के बाद हुआ। रेणु ने परीक्षा से तीन दिन पहले दाधीच से हिंदी और जीके के पेपर लिए थे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बाबूलाल कटारा ने दाधीच को छह सेट प्रश्नपत्र दिए थे।
राजस्थान पुलिस ने शनिवार को कहा कि लीक मामले में गिरफ्तार सभी 45 प्रशिक्षु एसआई को निलंबित करने के निर्देश जारी कर किए हैं। एसआईटी ने मार्च 2024 से अब तक 45 प्रशिक्षुओं को गिरफ्तार किया है। इनमें से 25 को जमानत पर रिहा कर दिया गया है, जबकि बाकी न्यायिक हिरासत में हैं। कुछ नियुक्तियां पाने वाले थे। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पिछली कांग्रेस सरकार ने जल्दबाजी में 3 अक्टूबर 2023 तक एसआई की नियुक्तियां पूरी कर ली थीं। यह उस साल के विधानसभा चुनावों के लिए आचार संहिता लागू होने से कुछ दिन पहले किया गया था। एसआईटी ने इस मामले में आरपीएससी पर जांच में सहयोग न करने का भी गंभीर आरोप लगाया है। राजस्थान हाईकोर्ट में कुछ असफल उम्मीदवारों ने परीक्षा रद्द करने की याचिका दायर की है। कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है। अब देखना होगा कि सरकार इस मामले में क्या फैसला लेती है।
