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इन्दौर। क्राइम ब्रांच ने 87 लाख रुपए की धोखाधड़ी मामले में एक दवा कारोबारी की शिकायत पर उसके ही अकाउंटेंट को गिरफ्तार किया है। दवा व्यापारी के साथ लाखों की धोखाधड़ी करने वाला उसका अकाउंटेंट फर्म के अकाउंटस के साथ ही फर्म में डिस्ट्रीब्यूशन का काम भी देखता था जिसके चलते उसने इस लाखों की धोखाधड़ी को अंजाम दिया।एडीशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया ने मामले का खुलासा करते बताया कि राजेश पिता किशनचंद गंगवानी, निवासी स्कीम 74, विजय नगर की शिकायत पर पुलिस ने कपिल रघुवंशी, निवासी लिडस एनक्लेव सोसायटी और उसकी भाभी सोनाली के खिलाफ केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ता राजेश गंगवानी निकेम ड्रग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मालिक है। और कपिल रघुवंशी उनके यहां अकाउंटेंट है। राजेश ने पुलिस को दर्ज अपनी शिकायत में बताया कि विगत पांच वर्षों से कपिल कंपनी मे अकाउंटेंट के रूप में काम करते डिस्ट्रीब्यूशन का काम भी देखता था। विगत कुछ वर्षों में उसने डिलीवरी के नाम पर दवाइयां दुकानदारों को पहुंचाने का बोल उसकी भाभी सोनाली की फर्म, त्रिमूर्ति ट्रेडर्स, को भिजवा दी जहां से उन दवाइयों को बेचकर रुपए सोनाली की फर्म में जमा कर लिए गए। इधर जब दुकानदारों की उधारी बढ़ने पर राजेश ने कपिल से हिसाब मांग दुकानदारों के पास रिकवरी के लिए कर्मचारी को भेजा तब उन्हें पता चला कि दुकानदारों को तो दवाइयां मिली ही नहीं थीं। कपिल रघुवंशी ने डिलीवरी की जो रसीदें कंपनी में जमा थीं, वे सभी फर्जी थीं। इस बात का पता चलने के बाद सुनील ने जब गहन जांच की तो उसे पता चला कि कपिल ने बैलेंस शीट में भी हेरफेर करते मर्ग सॉफ़्टवेयर में डाटा बदल दिया था। एडीसीपी क्राइम के अनुसार शिकायत मिलने के बाद जांच कर कपिल को गिरफ्तार कर अन्य आरोपी की तलाश जारी है।

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