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नेशनल लोक अदालत में कुल  423 लंबित प्रकरणों का हुआ निराकरण

सुलह व समझौते से आपसी विवादों का हुआ अंत

नेशनल लोक अदालत में कुल  423 लंबित प्रकरणों का हुआ निराकरण

दमोह : म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार परस्पर समझौते के आधार पर त्वरित एवं सुलभ न्याय दिये जाने के उद्देश्य से दिनांक 08 मार्च 2025 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन  जिला न्यायालय दमोह तथा तहसील न्यायालय, हटा, पथरिया, तेंदूखेड़ा में श्री आनंद कुमार तिवारी, प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दमोह के मार्गदर्शन में किया गया। मान्नीय उच्च न्यायालय से व्ही.सी. के माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया गया, जिसमें मान्नीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री आनंद कुमार तिवारी, विशेष न्यायाधीश श्री उदय सिंह मरावी, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्री मोहम्मद अजहर, सिविल जज वरिष्ठ खंड/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण  एवं जिला मुख्यालय दमोह में पदस्थ समस्त न्यायाधीशगण, अध्यक्ष, जिला अधिवक्ता संघ दमोह श्री कमलेश भारद्वाज, उपाध्यक्ष श्री सुरेश कुमार खत्री, सचिव श्री सुधीर पाण्डेय एवं अधिवक्तागण उपस्थित हुये।

            सिविल जज वरिष्ठ खंड/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री ज्ञानेन्द्र कुमार शुक्ला द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि उक्त नेशनल लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित राजीनामा योग्य दांडिक, सिविल, चैक अनादरण, वाहन दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा, वैवाहिक मामले, विद्युत से संबंधित प्रकरणों के साथ-साथ बैंकों, दूरसंचार, विद्युत एवं नगर पालिका के प्रिलिटिगेशन प्रकरणों को निराकरण हेतु रखा गया था। इस हेतु जिला मुख्यालय दमोह एवं तहसील हटा, पथरिया व तेंदूखेड़ा हेतु कुल 23 खण्डपीठों का गठन किया गया है। प्रकरणों के निराकरण हेतु मान्नीय प्रधान जिला न्यायाधीश महोदय द्वारा नेशनल लोक अदालत हेतु गठित खंडपीठ पहुंचकर उपस्थित पक्षकारों व अधिवक्तागण को राजीनामा के आधार पर अपने प्रकरण का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से किये जाने हेतु प्रेरित किया गया। परिणाम स्वरूप इस नेशनल लोक अदालत में मोटर दुर्घटना के 19 प्रकरणों में कुल 95,44,200/-के अवार्ड पारित किये गये। इसके अतिरिक्त न्यायालयों में लंबित 126 विद्युत, 36 चैक अनादरण, 173 दांडिक, 11 सिविल के लंबित प्रकरणों सहित कुल 423 प्रकरणों का नेशनल लोक अदालत के माध्यम से निराकरण किया जाकर दो  करोड़ अस्सी लाख छत्तीस हजार नौ सौ इक्कीस रूपये के अवार्ड पारित किये गये, इसी प्रकार नेशनल लोक अदालत के माध्यम से प्रिलिटिगेशन के मामलों में कुल 568 प्रकरणों का निराकरण किया गया जाकर तेहत्तर लाख पचत्तर हजार नौ सौ तेईस रूपये की वसूली की गई।

निःक्षय मित्र के रूप न्यायाधीशगण द्वारा टी.बी. रोगियों को फूड बास्केट का किया वितरण

            टी.बी. मुक्त भारत अभियान अंतर्गत जिला मुख्यालय दमोह में पदस्थ न्यायाधीशगण द्वारा निःक्षय मित्र के रूप में टी.बी. रोगियों को नेशनल लोक अदालत के अवसर पर फूड बास्केट का वितरण किया गया, जिसमें मान्नीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री आनंद कुमार तिवारी एवं जिला मुख्यालय के समस्त न्यायाधीशगण, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री ज्ञानेन्द्र कुमार शुक्ला, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री रजनीश चैरसिया तथा जिला चिकित्सालय दमोह की ओर से श्री दीपक सिंह राजपूत, जिला समन्वयक, जिला क्षय केन्द्र दमोह   एवं टी.बी. रोगीगण उपस्थित रहे।

कुटुम्ब न्यायालय में निराकृत हुये 05 प्रकरण

            कुटुम्ब न्यायालय के समक्ष लंबित 05 प्रकरणों में पति-पत्नि के द्वारा समझाईश दिये जाने के बाद दोनों पक्ष साथ-साथ रहने को तैयार हुये और अपने प्रकरणों को राजीनामा के आधार पर निराकृत किया गया। ऐसे पक्षकारों के द्वारा एक दूसरे को माला पहनाकर तथा मिठाई खिलाकर अपने प्रकरणों का अंत किया। ऐसे पक्षकारों को न्याय वृक्ष के रूप में फलदार पौधों का वितरण किया गया। यह नेशनल लोक अदालत सभी न्यायाधीशों एवं सभी अभिभाषक बंधुओं, जिला प्रशासन, पत्रकार बंधुओं जिला न्यायालय एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समस्त स्टाॅफ के सहयोग से सम्पन्न हुई। श्री रजनीश चैरसिया जिला विधिक सहायता अधिकारी ने सभी के सहयोग हेतु आभार व्यक्त किया। नेशनल लोक अदालत में निराकृत प्रकरणों में पक्षकारगण को वन विभाग द्वारा उपलब्ध कराये गये फलदार पौधों का भी वितरण किया गया।

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