गोंगपा और कांग्रेस पार्टी ने सरकार पर खड़े किए सवाल
जबलपुर। विगत 9 मार्च को कान्हा नेशनल पार्क मंडला के पास भोरमदेव जंगल में हॉक फोर्स ने घेराबंदी कर एक नक्सली को मार गिराने और दो लोगों को गिरफ्तार करने की जानकारी आईजी बालाघाट और पुलिस अधीक्षक मंडला ने पत्रकार वार्ता में दी थी। थाना खटिया क्षेत्र, कान्हा नेशनल पार्क में पुलिस ने पहले दावा किया कि उन्होंने एक नक्सली को मार गिराया, लेकिन बाद में अपना बयान बदलते हुए कहा कि मारा गया व्यक्ति नक्सल समर्थक था। एनकाउंटर में मारा गया कथित नक्सली व्यक्ति खटिया थाना के अन्तर्गत नारंगी गांव के लहसेरा टोला का हिरेन परते, जो बैगा आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखता है। घटना को लेकर समूचे मध्यप्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों में जबरदस्त आक्रोश है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और प्रदेश कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों ने पीडित परिवार से मिलकर न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है। हालांकि मंत्री सम्पत्तिया उईके ने भी पीडित परिवार से मिलकर सरकारी मदद दिलाने का भरोसा दिया है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी छिंदवाड़ा के जिला अध्यक्ष देव रावेन भलावी ने सरकार पर आरोप लगाया है कि गोली मारने की घटना गंभीर सवाल खड़े करती है। यह न केवल संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत संरक्षित आदिवासी क्षेत्रों में शासन के दायरे पर सवाल उठाता है, बल्कि मानवाधिकार हनन और न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी गहरी चोट है। प्रशासन निर्दोष आदिवासियों को नक्सली साबित करे या नहीं तो दोषियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज हो। यदि प्रशासन ने निर्दोष आदिवासियों को नक्सली बताकर गोली मारी है, तो इसे राज्य-प्रायोजित हत्या माना जाना चाहिए। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को स्वतः संज्ञान लेकर इस मामले की जांच करनी चाहिए।
इधर कांग्रेस के डाक्टर विक्रांत भूरिया के निर्देश पर मध्यप्रदेश आदिवासी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष ने इस घटना पर जांच दल गठित किया है जो जल्द ही रिपोर्ट देगा। घटना के तुरंत बाद पूर्व विधायक डाक्टर अशोक मर्सकोले और बिछिया के विधायक नारायण पट्टा ने पीडित परिवार और गांव वालों से मिलकर घटना की जानकारी ली है। इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी द्बारा विधानसभा में चर्चा की मांग स्वीकार नहीं किए जाने पर सदन का बहिष्कार कर दिया। 17 मार्च को आदिवासी बहुजन अधिकार कल्याण संघ जबलपुर ने बिछिया के लसरीटोला गांव निवासी हीरन परते की नक्सली बताकर पुलिस द्वारा की गई जघन्य हत्या के विरोध में हत्या की न्यायिक जांच की मांग को लेकर आज घंटाघर कंट्रोल रूम के सामने विरोध प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम जबलपुर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
