Spread the love

जिला स्तरीय पशु उपचार शिविर, कार्यशाला एवं गौवत्स प्रदर्शनी कार्यक्रम संपन्न

दमोह : दमोह जिला पहला जिला है जहां पर एम्ब्रियो ट्रांसप्लांट किया गया और 09 गायों में यह सफल हुआ है, यदि हम इसमें जाएंगे तो निश्चित रूप से बदलाव आएगा, इसमें और गति चाहते हैं तो हमारे पास एक ही विकल्प है पशुपालन का, उदाहरण के रूप में यदि एक घर में पांच गाय तैयार कर दें, उनसे बछिया तैयार करके उनके जीवन में बदलाव आ ही जाएगा और यह हम मिशन मोड पर चला दे, यहां के डॉक्टर को कोई भी चीज की कमी नहीं होने देंगे, जो मांगेंगे वह किया जायेगा, परंतु लक्ष्य लेकर के कि हमें इस गांव में 10, 20 या इस ब्लॉक में 500 करना है तो पूरे जिले का लक्ष्य दीजिए, समय-समय पर समीक्षा कीजिए और उसके परिणाम एक साल के बाद आएगा यदि आप समीक्षा करेंगे तो लोगों को जिम्मेदारी का एहसास होगा। इस आशय के विचार प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल नरसिंहगढ़ में पशुपालन एवं पशु कल्याण जागरूकता माह अंतर्गत जिला स्तरीय पशु उपचार शिविर, कार्यशाला एवं गौवत्स प्रदर्शनी के कार्यक्रम में व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर, सीईओ जिला पंचायत प्रवीण फुलपगारे, गौरव पटेल, संगीता श्रीधर, नर्मदा सिंह एकता, खरगराम पटैल, कपिल शुक्ला, एसडीएम निकेत चौरसिया, उपसंचालक पशुचिकित्सा डॉ संजय पाण्डे सहित बड़ी संख्या में पशुपालकगण और किसान बंधु मौजूद रहे।

      पशुपालन राज्यमंत्री श्री पटैल ने कहा जिले में कोई बड़ा कैंप लगाए, जिससे यूनिवर्सिटी के लोग भी आए, यहीं ऑपरेशन करें, जो मशीने चाहिए होगी वह उपलब्ध कराई जाएगी, लेकिन यहां कुछ अलग मॉडल खड़ा करके दिखाएं की पशुपालन एक ऐसा मॉडल है, जिससे किसान के जीवन में बदलाव हम ला सकते हैं, उससे उत्साहित होकर दूसरे जिलों तक यह संदेश जाए, बहुत जल्दी हम यहां पर गौशाला बनाने जा रहे हैं, जिसमें कोशिश करेंगे की पूरी 10 हजार गौवंश रखें लेकिन यदि पूरे 10 हजार गौवंश नहीं भी रख पाए तो 5 से 7 हजार गौवंश रखकर इस साल गौशाला को शुरू किया जायेगा। यह इतनी अच्छी जगह है कि वहां आप सभी लोग पिकनिक मनाने और बच्चों के जन्मदिन मनाने जाएंगे।

            राज्यमंत्री श्री पटैल ने कहा हमारे जिले की कुछ हिस्से में ओलावृष्टि हुई है, कल रात को ही कलेक्टर से बात की है, उन्होंने बताया है की सारी जगह पर अधिकारियों को भेज दिया है और सुबह से सर्वे करने के लिए भी अधिकारी निकल गए हैं। कलेक्टर ने खुद सुबह से घूम जायजा लिया हैं। सर्वे किया जा रहा है जिसमें जो भी आंकलन निकलेगा उसके नियम अनुसार किसानों को राहत दी जाएगी।

  राज्यमंत्री श्री पटैल ने किसानों का स्वागत करते हुये कहा पशुपालक अपनी गाय और बछड़े लेकर आए हैं, स्वागत इसलिए क्योंकि उन्होंने वह काम किया जिसकी हम अभी तैयारी कर रहे हैं, उन लोगों का भी स्वागत करता हूं, जो इस मेले में पधारकर कुछ सीख कर, कुछ नया लेकर के जाएंगे, उन सभी का भी बहुत-बहुत स्वागत है। कृषि विद्यालय से आए सभी डॉक्टर, सभी प्रोफेसर, पत्रकार मित्रों सभी का बहुत-बहुत स्वागत वंदन करता हूं और अभिनंदन करता हूं।राज्यमंत्री श्री पटैल ने कहा नरसिंहगढ़ में कॉलोनी से लगी हुई 500 एकड़ जमीन पशुपालन विभाग को कलेक्टर ने दे दी है, उसमें गोकुल गौशाला, बड़ी गौशाला जहां 10 हजार से अधिक गाय रखी जायेंगी और जो काम यहां हो रहा है वह भी होगा, उसके साथ-साथ वहां पर सीएनजी भी बनाएंगे, इसके साथ-साथ जैविक खेती के खाद्य की उपलब्धता की जायेगी। इसके लिए पूरे प्रदेश में लगभग 20-22 गौशाला बना रहे हैं, उनमें लगभग 2 लाख से अधिक गौवंश होगा, गौशाला बनाने के पीछे तीन-चार कारण है जिसमें सरकार लगभग 2 हजार करोड़ रुपए खर्च कर रही है, एक गौशाला का खर्च लगभग 60 से 70 करोड़ रुपए होगा। गौशाला बनाने में कम से कम 20 करोड़ रुपए और उसके बाद गौशाला में होने वाले जो कार्यक्रम है, जैसे सीएनजी बनाई जायेगी, सीएनजी का प्लांट लगाया जायेगा तो लगभग 20-25 लाख का प्लांट लगेगा, उसमें जो गोबर गैस बनेगी उस गैस का अलग उपयोग होगा, गोबर गैस के गोबर का खाद लगभग 50-60 दिन में बनकर तैयार हो जाता है, लेकिन अब नई तकनीक आ गई है कि 7 से 8 दिन में खाद बनाकर तैयार हो जाएगी, अभी खाद में ढाई प्रतिशत नाइट्रोजन होती है, एक प्रतिशत फास्फोरस और एक प्रतिशत पोटाश होता है, लेकिन जो खाद 7 से 8 दिन में बनकर तैयार होगी उसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश की पांच गुनी मात्रा हो जाएगी, वह हमें ज्यादा फायदा करेगी। गौशाला में सौर ऊर्जा से बिजली भी बनाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *