
चार सप्ताह में सरकार को देना होगा अपना जवाब
भोपाल। मंदसौर गोली कांड की जांच के लिए बने जैन आयोग की रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखे जाने की मांग को लेकर पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश संदीप दास व न्यायाधीश विक्रम मेहता की युगलपीठ ने इस सिलसिले में मध्य प्रदेश शासन को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब देने का आदेश दिया है।
दरअसल, छह जून, 2017 को पिपलिया मंडी, मंदसौर में पाश्र्वनाथ चौपाटी पर आंदोलनरत किसानों पर पुलिस द्वारा गोली चलाने से पांच किसानों की मृत्यु हो गई थी। गोलीकांड की घटना की सीबीआई जांच तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर प्रकरण दर्ज करने की मांग को लेकर पारस सकलेचा ने हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में याचिका दायर की थी।
6 साल बाद भी विधानसभा में पेश नहीं की गई रिपोर्ट
सकलेचा ने बताया कि जैन आयोग की रिपोर्ट को 4 साल बाद भी विधानसभा के पटल पर नहीं रखा गया। पारस सकलेचा ने बताया कि इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय की इंदौर खंड़पीठ में पिटीशन 3 मई 2022 को पेश कर उच्च न्यायालय से सरकार को जैन आयोग की रिपोर्ट पर कार्रवाई कर विधानसभा के पटल पर रखने का अनुरोध किया। पारस सकलेचा ने न्यायालय से कहा कि जांच आयोग अधिनियम 1952 की धारा 3(4) के तहत जांच आयोग की रिपोर्ट मिलने के 6 महीनों के अंदर उस पर कार्रवाई कर विधानसभा के पटल पर रखना शासन का दायित्व है ।
