7 केस दर्ज कर करीब 22 आरोपि गिरफ्तार

इंदौर । इंदौर नगर निगम में एक बड़ा घोटाला हुआ है, बताया गया हैं कि यहां 11 करोड़ का हेरफेर हुआ है। जहां फर्जी बिल लगाकर दूसरे खाते में ट्रांसफर किए गए है। फर्जीवाड़े में एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के संचालक के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। बताया जा रहा है कि ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर नगर निगम में घोटाले का खुलासा हुआ है, जिसके बाद लोग हैरान रह गए, घोटाला ड्रेनेज विभाग में हुआ है।
डीसीपी जोन 3 हंसराज सिंह मीना ने बताया कि ऑडिट रिपोर्ट व आवेदन के आधार पर मेसर्स नीव कंस्ट्रक्शन के संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है। साजिद द्वारा ड्रेनेज विभाग में उनकी कंपनी के माध्यम से होने वाले कार्यों के फर्जी बिल लगाए गए। इन बिलों पर जो पैसा ट्रांसफर हुआ है, वह उनके बताए खातों में गया है।
डीसीपी सिंह ने बताया कि ये पूर्व में हुए ड्रेनेज घोटाले से ही जुड़ा मामला है। निगम की आंतरिक कमेटी इस पर लंबे समय से जांच चल रही थी। इसके पूर्व ड्रेनेज शाखा में जो करोड़ों के घोटाले उजागर हुए थे। उसमें वर्ष 2022 व 24 के बिलों में फर्जीवाड़ा था। इस केस में वर्ष 2012 से 2019 तक के किए गए कामों में फर्जीवाड़ा सामने आया है। पूर्व में हम 7 केस दर्ज कर करीब 22 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुके हैं। इन प्रकरणों में पुलिस चालान भी पेश कर चुकी है।
