
कटनी जिला रजिस्ट्रार स्टाम्प से राशि वसूलने कलेक्टर को निर्देश कलेक्टर से वसूलने के निर्देश
जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने एक प्रतिशत के स्थान पर 125 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी लगाने के आदेश को मनमाना पाते हुए निरस्त कर दिया। यही नहीं इस गलती के लिए सरकार पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगा दिया। सरकार को यह राशि जिला रजिस्ट्रार स्टाम्प कलेक्टर से वसूलने के निर्देश दिए गए हैं। राशि 30 दिन के भीतर सरकारी खजाने से निकाले बिना याचिकाकर्ता के हक में भुगतान करनी होगी। याचिकाकर्ता कटनी निवासी पवन कुमार मित्तल सहित अन्य की ओर से अधिवक्ता विजय राघव सिंह, पूनम सिंह, अजय नंदा व मनोज चतुर्वेदी ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि पीएलएम बिल्डर्स एंड डेवेलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, हाउसिंग बोर्ड कालोनी, कटनी के ऊपर मनमानी स्टाम्प ड्यूटी अधिरोपित करने की गलती की गई है। जिला रजिस्ट्रार स्टाम्प कलेक्टर, कटनी ने नियम विरुद्ध तरीके कालोनी के विकास शुल्क अंतर्गत 125 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी बंधकनामा पर लगाई गई है। जबकि नियमानुसार एक प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी देय थी। लिहाजा, जिला रजिस्ट्रार स्टाम्प कलेक्टर, कटनी द्वारा जारी मांग पत्र व राजस्व मंडल, ग्वालियर द्वारा पारित आदेशों को निरस्त किया जाए। हाई कोर्ट ने तर्क से सहमत होकर याचिकाकर्ता के पक्ष में आदेश पारित कर दिया।
वास्तव में यह है नियम …
मध्य प्रदेश में कालोनाइजर के रजिस्ट्रेशन, निबंधन, और शर्तों से जुड़े नियमों को मध्य प्रदेश नगर पालिका (कालोनाइजर का रजिस्ट्रेशन, निर्बंधन तथा शर्तें) नियम, 1998 में बताया गया है। इन नियमों को मध्य प्रदेश राजपत्र में प्रकाशित होने के बाद लागू किया गया था। ये नियम सभी नगर निगम, नगर पालिका परिषद, और नगर पंचायत की सीमाओं में लागू होते हैं। इन नियमों के तहत कालोनाइज़र से जुड़ी कुछ शर्तें इस प्रकार हैं-कालोनी की स्थापना और विकास के लिए, कालोनाइजर को सक्षम प्राधिकारी को प्रस्ताव देना होता है। कालोनी के आंतरिक विकास कार्यों को पूरा करने की अवधि अधिकतम तीन वर्ष होती है। कालोनाइजर को आंतरिक विकास कार्य पूर्ण करने के लिए बंधक रखे गए पच्चीस प्रतिशत भूखंडों को बेचकर पैसे इकट्ठा करने की अनुमति है। कालोनाइजर द्वारा कालोनी का विकास कार्य पूरा होने के बाद, विकास कार्य पूर्ण होने की सूचना सक्षम प्राधिकारी को देनी होती है।
