Spread the love

दमोह। न्यायालय सुश्री प्रिया राठी न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी महोदय दमोह के द्वारा एक मामले में अभियुक्त के विरूद्ध चैक वाउन्स की राशि मय ब्याज एवं खर्चों के राशि 6,35,000 रूपये भुगतान किये जाने का निर्णय पारित किया है, उक्त संबंध में परिवादी के अधिवक्ता श्री मनोज सोनी ने बताया कि परिवादी अभिषेक पाठक एवं अभियुक्त श्रीमति नीमा बाई पति दिनेश वाल्मिकी दोनो ही नगर पालिका में कार्यरत् होने से एक दूसरे से परिचित है, परिवादी ने अभियुक्त को वर्ष 2019 में मकान बनाने के लिये राशि 4,50,000 रूपये उधार दिये थे उक्त उधार राशि की माँग किये जाने पर अभियुक्त ने परिवादी को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा दमोह का चैक राशि 4,50,000 रूपये देकर विश्वास दिलाया कि उक्त चैक के माध्यम से परिवादी को राशि प्राप्त हो जावेगी परंतु परिवादी द्वारा उक्त चैक बैंक में जमा किये जाने पर चैक अपर्याप्त निधि के कारण वाउन्स हो गया था जिससे परिवादी ने अभियुक्त को उक्त चैक की राशि भुगतान किये जाने के लिये अधिवक्ता श्री मनोज सोनी के मार्फत नोटिस प्रेषित किया था परंतु अभियुक्त द्वारा उक्त राशि नहीं लौटायी गयी तब परिवादी ने माननीय न्यायालय के समक्ष अभियुक्त के विरूद्ध धारा 138 परकाम्य लिखत अधिनियम के तहत् परिवाद क्रमांक 134/2021 प्रस्तुत किया था जिसमें माननीय न्यायालय द्वारा प्रकरण में आयी साक्ष्य के गुणदोषो के आधार पर परिवाद स्वीकार कर अभियुक्त के विरूद्ध आदेश पारित करते हुये अभियुक्त नीमा बाई को छः माह के कठोर कारावास से दण्डित करते हुये परिवादी अभिषेक पाठक से उधार ली गयी राशि 4,50,000 रूपये एवं उक्त राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज 1,62,000 रूपये तथा न्याय शुल्क 19,000 रूपये व वाद व्यय 4,000 रूपये सहित कुल 6,35,000 रूपये भुगतान करने का आदेश पारित किया गया है तथा उक्त राशि के भुगतान न करने की स्थिति में अभियुक्त को पृथक से छः माह के साधारण कारावास की सजा से दण्डित किये जाने का निर्णय पारित किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *