
दमोह: बारिश के मौसम में दूषित पानी से होने वाली बीमारियों की रोकथाम एवं नियंत्रण के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रवीण फुलपगारे की अध्यक्षता में जिला चिकित्सालय में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के सभाकक्ष में सम्पन्न । बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश जैन, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रीता चटर्जी खासतौर पर मौजूद रहीं।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत प्रवीण फुलपगारे ने बारिश पूर्व नालियों की साफ-सफाई, जल स्त्रोतों के आस-पास स्वच्छता बनाये रखने, ग्राम के बिगडे़ हैण्डपंप को सुधरवाने, पेयजल स्त्रोतों को क्लोरीनीकृत कराने तथा ग्रामों एवं वार्डों में कूड़ा-कचरा का प्रबंधन के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। पिछले दो वर्षों में उल्टी-दस्त, हैजा से प्रभावित ग्रामों एवं संवेदनशील ग्रामों की सूची मौजूद सहयोगी विभाग जल निगम, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरपालिका अधिकारी से साझा की गई। बैठक दौरान वीडियो कांन्फ्रेसिंग से जुडे़ जनपद सी.ई.ओ. एवं सी.बी.एम.ओ. को आवश्यक निर्देश दिये गये। ग्राम में बुखार, उल्टी-दस्त के आउटब्रेक की स्थिति में मैदानी अमले को तुरंत ब्लॉक एवं जिला मुख्यालय पर सूचना देने को कहा गया।
सीईओ जिला पंचायत श्री फुलपगारे ने सभी जनपद सी.ई.ओ. एवं पंचायत सचिवों को निर्देश दिये कि बारिश पूर्व जल स्त्रोतों के आस-पास स्वच्छता सुनिश्चित की जाये। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचाव के लिए खुले कुऍ के चारों ओर मुंडेर बना लिए जाये। सुनिश्चित करें कि सभी हेण्डपंप क्रियाशील रहें। इसके आस-पास कीचड़ अथवा गंदगी न हो इसका ध्यान रखें, प्लेटफार्म बना लिये जायें। यह सुनिश्चित करें कि पानी की निकासी व्यवस्थित हो। खुले में शौच को प्रतिबंधित किया जाये। साफ-सफाई सतत रूप से बनाई रखी जाये।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने सभी सी.बी.एम.ओ. को निर्देश दिये कि सभी मौसमी बीमारियों से संबंधित सभी जीवन रक्षक औषधियों का पर्याप्त भंडारण रखें। महामारी की स्थिति में त्वरित रूप से रोकथाम के लिए कॉम्बेट टीम का गठन कर लिया जाये। बैठक दौरान जी.एम. जल निगम सहित पी.एच.ई. एवं नगरपालिका के ब्लॉक स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
