
इन्दौर । लोकायुक्त पुलिस ने एक ट्रैप कार्रवाई में इन्दौर नगर निगम के जोनल ऑफिस अधीक्षक को निगम के ड्रेनेज कर्मी से रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा है। लोकायुक्त डीएसपी आनंद चौहान के अनुसार ड्रेनेज कर्मचारी भरत सिंगोलिया ने लोकायुक्त को दर्ज अपनी शिकायत में बताया था कि वह 2008 से जुलाई 2024 तक जोन क्रमांक 11 में मस्टर ड्रेनेज कर्मी के रूप में कार्य करता रहा। 18 जुलाई 2024 को उसे अपर आयुक्त सिद्धार्थ जैन ने कार्य मुक्त कर दिया था। लेकिन उपायुक्त ने 13 मई 2025 को फिर से ड्रेनेज कर्मी के रूप में नियुक्त करने का आदेश जारी किया। उक्त आदेश की कॉपी लेकर भरत जब जोन क्रमांक 18 पर पदस्थ ऑफिस अधीक्षक संजय वेद से मिला तो वेद ने नियुक्ति के बदले 20 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। संजय ने कहा 15 हजार दे सकता हूं। वेद इस पर राजी हो गया तो उसने भरत से मौके पर ही 5 हजार रुपए ले लिए, और भरत से कहा जब तक बचे हुए पैसे नहीं दोगे, तुम्हें नियुक्ति नहीं दूंगा। शिकायत सत्यापन के बाद लोकायुक्त टीम के कहने पर भरत ने बुधवार को ऑफिस अधीक्षक वेद को वर्ल्ड कप चौराहे पर रिश्वत के पैसे लेने आने को कहा। यहां भरत 7 हजार रुपए की रिश्वत देने लगा तो लोकायुक्त पुलिस ने वेद को रंगे हाथ पकड़ उस पर धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 के अंतर्गत कार्रवाई की गई।
