शिक्षा विभाग के खनियांधाना ब्लॉक में हुआ है यह घपला
शिवपुरी। शिवपुरी जिले के शिक्षा विभाग में खनियांधाना विकासखंड में हुए 81 लाख रुपये के गबन के सूत्रधार विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ)प्रकाश सूर्यवंशी को संभागायुक्त द्वारा निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में सूर्यवंशी का मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय शिवपुरी रहेगा। पिछले दिनों इस मामले में एफआइआर दर्ज कराई गई थी। पूरे मामले में कलेक्टर ने बीईओ के निलंबन का प्रस्ताव संभागायुक्त को भेजा था। संभागायुक्त ने प्रतिवेदन के आधार पर बीईओ प्रकाश सूर्यवंशी को निलंबित कर दिया है।

एक करोड़ से ज्यादा की राशि का कपटपूर्ण भुगतान मामला-
उल्लेखनीय है कि विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय खनियाधाना में वर्ष 2018-19 से 2024-25 तक कुल 40 व्यक्तियों के खाते में एक करोड़ चार लाख 42 हजार 763 रुपए का कपट पूर्ण भुगतान और 20 व्यक्तियों के खातों में 50 हजार से अधिक राशि वेतन व अन्य भत्ता मद में संदिग्ध रूप से भुगतान की शिकायत की गई थी। उक्त शिकायत के आधार पर कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी ने मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की, जिसमें एसडीएम पिछोर शिवदयाल धाकड़, शिक्षा विभाग की सहायक संचालक शालिनी दिनकर, सहायक पेंशन
कलेक्टर के प्रस्ताव पर संभागायुक्त ने की कार्रवाई-
अधिकारी संतोष कुर्मी और कोषालय लिपिक अमित यादव को शामिल किया गया। टीम द्वारा जांच के बाद बताया गया कि 40 प्रकाश सूर्यवंशी व्यक्तियों में से 18 लोगों के खातों में 68 लाख 77 हजार 121 का कपटपूर्ण भुगतान होना पाया गया। इसके अलावा 20 में से 8 व्यक्तियों के बैंक खाते में 6 लाख 19 हजार 274 रुपए का भुगतान किया गया था। इसके अतिरिक्त सहायक ग्रेड-3 ओमकार धुर्वे, को विभागीय बैंक खाते से 6 लाख 3 हजार 199 और लेखापाल सुखनंदन रसगैया, को अक्टूबर 2020 के वेतन में 24200 का भुगतान किया गया। इस प्रकार गबन में 81 लाख 23 हजार 728 रुपए की राशि का भुगतान हुआ है। मामले में 1 मई 2025 को खनियाधाना थाने में भ्रष्टाचार एफआइआर दर्ज कराई गई थी।
जांच के दौरान बीईओ पाए गए दोषी-
जांच प्रतिवेदन अनुसार प्रकाश सूर्यवंशी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, खनियांधाना द्वारा आहरण अधिकारी के दायित्वों का पालन न करना, लागिन पासवर्ड अनाधिकृत व्यक्तियों को सौंपना, बिना सक्षम स्वीकृति स्वयं के यात्रा देयक एवं जीपीएफ पार्ट फाइनल का आहरण करना, बिना सक्षम स्वीकृति के शासकीय खाता संचालित रखना एवं चेक से कपटपूर्ण भुगतान करना। ओमकार धुर्वे से बैंक खाते में राशि प्राप्त करना एवं आईटी एक्ट 2000 एवं मप्र वित्तीय संहिता भाग-1 नियम-25 के तहत प्रकाश सूर्यवंशी शासकीय राशि के कपटपूर्ण आहरण के लिए उत्तदायी पाया गया है।
