
केन्द्र सरकार ने भेजा पत्र… अब कलेक्टर कराएंगे जांच
-केंद्र शासन ने मप्र सरकार को लिखा पत्र, अब जिले में चलाई जाए जागरूकता मुहिम
भोपाल । पूरे देश में 123 फर्जी वेबसाइट के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र व जरूरतमंद लोगों को ठगा जा रहा है। सरकारी दस्तावेज बनाने के लिए इन वेबसाइट के माध्यम से फर्जी कार्ड बनाकर हजारों रुपए गरीबों से वसूले जा रहे हैं। केंद्र शासन ने मध्यप्रदेश सरकार को पत्र लिखकर इस तरह की धोखाधड़ी रोकने के लिए जागरूकता मुहिम चलाए जाने के निर्देश दिए हैं। आए दिन कलेक्टर ऑफिस में भी फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाए जाने के मामले भी सामने आते हैं।
सरकारी कार्यालय में जिन दस्तावेजों के लिए नाममात्र का शुल्क वसूला जाता है या कोई सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाती है उनके लिए जल्दी काम करवाने के नाम पर फर्जी वेबसाइट के माध्यम से फर्जी प्रमाण पत्र धड़ल्ले से बनाए जा रहे हैं। फर्जी अंकसूची, डिग्री और जाति प्रमाण पत्र के बाद अब जन्म-मृत्यु पंजीयन में भी फर्जीवाड़ा सामने आने लगा है। सरकार ने जहां एकमात्र वेबसाइट के माध्यम से पूरे देशभर में होने वाले जन्म और मृत्यु के पंजीयन की व्यवस्था की है, वहीं 123 फर्जी वेबसाइट भी इस तरह के पंजीयन कर लोगों से खुलेआम ठगी करती आ रही हैं। हाल ही में इंदौर लोकसेवा केंद्र में भी कुछ आवेदकों ने जाति प्रमाण पत्र सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बने होने के बावजूद सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलने की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद परीक्षण में उक्त फर्जीवाड़ा भी सामने आया था।
नहीं मिलता योजनाओं का लाभ
फर्जी वेबसाइट के माध्यम से जारी होने वाले जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर जब इन प्रमाण पत्र का परीक्षण किया जाता है तो वह फर्जी पाए जाते हैं, जिसके चलते सरकार की किसी भी योजना का लाभ संबंधित को नहीं मिल पाता है। आर्थिक एवं सामाजिक संचालनालय मध्यप्रदेश द्वारा भारत शासन से प्राप्त पत्र के आधार पर सभी जिलों को इस संबंध में लोगों को जागरूक करने के लिए निर्देश दिए हैं।
सरकारी एक ही साइट…ठगी से बचें
शासन की एकमात्र वेबसाइट पर शहरी क्षेत्र में नगर निगम और नगर परिषद ग्रामीण क्षेत्र में पंचायत के साथ ही अस्पतालों में होने वाले जन्म-मृत्यु का पंजीयन अस्पताल के माध्यम से ही किया जाता है। इस संबंध में निर्देश दिए हैं कि यदि कोई भी निकाय पंजीयन करने से मना करता है तो इसकी शिकायत संबंधित क्षेत्र के रजिस्टर जन्म-मृत्यु पंजीयन से की जा सकती है। एमपी ऑनलाइन और सीएससी सेंटर के माध्यम से पूर्व में जन्म-मृत्यु पंजीयन की सुविधा दी गई थी, किंतु फर्जी वेबसाइटों के सामने आने के बाद उक्त केंद्रों के माध्यम से होने वाले पंजीयन के आवेदनों को भी लेना बंद कर दिया गया है। आम आदमी घर बैठे शासन की वेबसाइट के माध्यम से आसानी से पंजीयन के लिए आवेदन पब्लिक यूजर के रूप में जन्म या मृत्यु होने के 21 दिन के अंदर कर सकते हैं।
