
जनपद की सूची में महिला सरपंच लेकिन फोन नंबर दूसरे का, कई दिनों से एक ही फोटो अपलोड कर किया जा रहा मनरेगा में फर्जीवाड़ा
अशोकनगर। महिलाओं के अधिकारों पर डाका डालते हुए जिले की अधिकांश पंचायतों को महिला जन प्रतिनिधियों के पति, परिजन या फिर गांव के राजनीतिज्ञ दबंग व्यक्ति द्वारा चलाई जा रही है। जिससे अगर पंचायत में कहीं फर्जी बड़ा हो, तो उसकी रिकवरी सरपंच से हो। जिले में ऐसी ही एक पंचायत में इन दिनों जमकर भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़ा चल रहा है। अशोक नगर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत मसीदपुर में आदिवासी महिला सरपंच श्रीमती रामकली बाई आदिवासी तो नाम के लिए है, असल में इस पंचायत को गांव का दबंग राजनीतिज्ञ व्यक्ति पंचायत चला रहा है। और मजे की बात तो यह है कि जनपद पंचायत में सरपंचों की सूची में आदिवासी महिला सरपंच का नाम तो है, लेकिन उस सरपंच से संपर्क करने के लिए सूची में उसके नाम के आगे मोबाइल नम्बर किसी ओर का डाला हुआ है। आदिवासी महिला सरपंच के पंचायत से संबंधित सभी निर्णय यही दबंग राजनीतिज्ञ लेता है। अगर कोई गड़बड़ झाला हो या रिकवरी का मौका आए तो उसमें कर्रवाई महिला सरपंच पर हो, और वह सुरक्षित बच जाए, और अगर ऐसा ना हो तो भ्रष्टाचार कर मलाई तो वह दबंग ही खा रहा है। मनरेगा के कामों में भी जमकर भ्रष्टाचार और फर्जीबाड़ा हो रहा है। जहां पोर्टल पर कई दिनों से एक ही फर्जी फोटो अपलोड किया जा रहा है। सोमवार को पंचायत द्वारा पोर्टल पर 189 मजदूरों की डिमांड डाली और 73 लोगों के फोटो अपलोड किये गये। जिसमें 7 काम होना दर्शाया गया। जबकि मौके पर ना तो मजदूर थे ना कोई काम चल रहा। और यह सब फर्जीवाड़ा कई दिनों से लगातार चल रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि गरीबों का हक छीनने वाले, इन पंचायत माफियाओं पर कलेक्टर का चबुक चलेगा। क्या कभी सख्त कार्रवाई होगी।
