दमोह : कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर द्वारा दिये गये निर्देशानुसार खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत एफएसएसएआई के राष्ट्रव्यापी री-यूज्ड कुकिंग तेल गुणवत्ता सर्वे अभियान के तहत होटल, रेस्टोरेंट,नाश्ता सेंटर द्वारा एक ही खाद्य तेल को तलने एवं पकाने में बार बार उपयोग किया जाता है, जिससे खाद्य तेल में ट्रांस फैट की मात्रा बढ़ जाती है।

खाद्य सुरक्षा प्रशासन डीओ राकेश अहिरवाल ने बताया री-यूज्ड तेल की गुणवत्ता जांच हेतु खाद्य सुरक्षा जांच दल ने दमोह शहर में विभिन्न होटल रेस्टोरेंट नाश्ता सेंटर का औचक निरीक्षण किया है। देशव्यापी री-यूज्ड कुकिंग तेल विशेष जांच अभियान के तहत दमोह शहर में रेलवे स्टेशन के पास स्थित प्रेम आलूबंडा का औचक निरीक्षण किया गया । परिसर में कढ़ाई में रखे हुए री-यूज्ड कुकिंग तेल के नमूने जांच हेतु लिए गए । इसी तरह पलंदी चौराहा स्थित जय श्री महाकाल रेस्टोरेंट से री-यूज्ड कुकिंग तेल के नमूने जांच हेतु लिए गए । उन्होंने बताया इन री-यूज्ड कुकिंग तेल के नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण हेतु खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया । जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। निरीक्षण के दौरान खाद्य परिसर में फ़ूड लाईसेंस ,रजिस्ट्रेशन की प्रति एवं फ़ूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए गए। होटल में कार्यरत कर्मचारियों के वार्षिक मेडिकल परीक्षण सर्टिफिकेट, पेस्ट कंट्रोल प्रबंधन एवं फास्टेक ट्रेनिंग सर्टिफिकेट बनवाने के निर्देश दिए गए । खाद्य सुरक्षा प्रशासन विभाग ने समस्त होटल, रेस्टोरेंट एवं नाश्ता सेंटर संचालकों को निर्देश दिए हैं की वे एक ही तेल को 2-3 बार से ज्यादा इस्तेमाल न करें। तेल को ज्यादा गर्म (धुआँ निकलने तक) न करें। तेल को फिल्टर करके भी दोबारा इस्तेमाल करने से बचें।

री यूज्ड कुकिंग तेल के नुकसान
उन्होंने बताया बार-बार इस्तेमाल किया गया खाना पकाने का तेल सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। इसके प्रमुख नुकसान यथा हृदय रोगों का खतरा, कैंसर का खतरा, पाचन तंत्र की समस्याएँ, मोटापा और डायबिटीज, त्वचा संबंधी समस्याएँ, लिवर और किडनी पर बुरा प्रभाव एवं प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करना हैं।
