
इन्दौर। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) के छापे के बाद निगमायुक्त शिवम वर्मा ने आदेश जारी कर सहायक उद्यान अधिकारी चेतन पाटिल की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। पाटिल पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप की छापे के बाद पुष्टि होने के बाद यह कारवाई की गई। E.O.W. इंदौर द्वारा नगर निगम आयुक्त को भेजे गए पत्र क्रमांक ई-कोर्ट/ई-अपराध क्रमांक 100/25/3469/25, दिनांक 18.06.2025 में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि चेतन पाटिल, जो नगर पालिका निगम, इंदौर में उद्यान अधिकारी/उपायुक्त (स्थापना/बिल/उद्यान) के पद पर कार्यरत हैं, उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है। बता दें कि आर्थिक अपराध ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) की टीम ने मंगलवार को पाटिल के कार्यालय और घर सहित तीन ठिकानों पर एक साथ छापे मारकर करोड़ों की अघोषित संपत्ति का पता लगाया था। एजेंसी उसके भानगढ़ स्थित गुलमोहर ग्रीन कालोनी स्थित घर और निगम मुझे स्थित आफिस से फाइलें, दस्तावेज और कई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स तथा डिवाइस जब्त कर ले गई थी जिनकी जांच की जा रही है। ईओडब्ल्यू डीएसपी पवन सिंघल के मुताबिक इन्दौर नगर निगम में चेतन पाटिल 2004 में मस्टरकर्मी के रूप में भर्ती हुआ था और वह अफसर और नेताओं में घुसपैठ बना उद्यान अधिकारी के पद तक जा पहुंचा। ईओडब्ल्यू के अनुसार नौकरी में उसकी तनख्वाह 30 हजार रुपए है उस हिसाब से उसकी कुल आय 15 लाख रुपये बनती है, लेकिन भ्रष्टाचार कर उसने करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित कर ली। इसमें पाश इलाकों में प्लाट, आभूषण और बीमा पॉलिसियां शामिल हैं। पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में केस दर्ज किया है।

