Spread the love

तालाब में डूबने से दो सगे भाईयों की मौत सतनपुर गांव में पसरा मातम
गुना। जिले के बजरंगगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सतनपुर में बुधवार की दोपहर एक दिल दहला देने वाली घटना हो गई, जब तालाब में डूबने से दो सगे भाईयों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान विक्रम राजपूत (13) एवं प्रियांश उर्फ लड्डू राजपूत (11) पिता भानू राजपूत के रूप में हुई है। दोनों मासूम बच्चे गांव के पास स्थित तालाब में खेलने के दौरान नहाने चले गए थे, लेकिन वापस नहीं लौट सके। जानकारी के अनुसार दोपहर करीब 2 बजे विक्रम राजपूत और लड्डू राजपूत अपने दो अन्य दोस्तों के साथ गांव के पास स्थित तालाब की ओर खेलने के लिए निकले थे। इस दौरान वह तालाब में उतरकर नहाने लगे। तभी विक्रम और लड्डू गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। साथ गए दोनों अन्य बच्चे किसी तरह बाहर निकल आए और घबराए हुए गांव पहुंचकर घटना की सूचना दी। विडंबना देखिए कि बड़े बेटे विक्रम राजपूत का 2 जुलाई को ही जन्मदिन था।
घटना की खबर मिलते ही ग्रामीणों में हडक़ंप मच गया। दर्जनों ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और तालाब में तलाश शुरू की। कुछ ही देर में दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला गया। ग्रामीणों ने प्राथमिक प्रयास करते हुए दोनों बच्चों के मुंह और छाती से पानी निकालने की कोशिश की और फिर उन्हें तुरंत मोटरसाइकिल पर बैठाकर जिला अस्पताल लाया गया। मगर डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलते ही बजरंगगढ़ थाना पुलिस भी अस्पताल पहुंची और पंचनामा कार्रवाई करते हुए शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। मृतक बच्चों के पिता भानू राजपूत खेती-किसानी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। दोनों बेटों की असमय मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं पूरे गांव में भी गम का माहौल है। हर आंख नम है और लोग घटना को लेकर स्तब्ध हैं। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
एम्बुलेंस को फोन लगाया तो चालक बोला, अभी पानी बरस रहा है, टाईम लगेगा
इस दुखद घटना में एक बार फिर एम्बुलेंस 108 की लापरवाही सामने आई है। मृतक के मामा के मुताबिक उन्होंने लगभग 4 बजकर 6 मिनट पर 108 के लिए कॉल किया। जिस पर उनका संपर्क ईएमटी लोकेशन 4002 पगारा पर संपर्क हुआ। यहां 108 एम्बुलेंस के चालक ने उन्हें फोन पर कहा कि अभी बारिश हो रही है। अभी एम्बुलेंस आने में समय लगेगा। इस दौरान मृतकों के मामा ने एम्बुलेंस चालक से फरियाद की कि वह मोटर सायकिल से दोनों बच्चों को लेकर आ रहे हैं, आप रास्ते में उन्हें कवर कर लें। लेकिन शाम 6 तक मृतकों के अस्पताल पहुंचने के बाद भी एम्बुलेंस नहीं पहुंची। उसी में हनुमान चौराहे पर वकीलों द्वारा किए जा रहे चक्काजाम में भी मृतक के परिजन फंस गए। समय पर एम्बुलेंस आ जाती तो शायद बच्चे की जान बच जाती।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *