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महाराष्ट्र राज्य के भंडारा जिले में अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छुटा बालक
बालाघाट। नगर के बालक बूढी शासकीय हाई स्कूल के कक्षा 10 वीं के छात्र आदर्श चौधरी का 2 जुलाई को अज्ञात लोगों ने अपहरण कर लिया। छात्र महाराष्ट्र राज्य के भंडारा जिले में अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छुटकर सकुशल घर पहुंच गया। परिजनों ने गुरुवार को इस मामले की शिकायत कोतवाली थाना पहुंचकर की है। साथ ही अज्ञात अपहरणकर्ताओं पर कार्यवाही की मांग की है। हालंाकि, शिकायत करने के पूर्व ही आदर्श चौधरी ने अपने परिजनों के घटना के बारे में पूरी जानकारी दे दी थी।
छात्र के पिता दीपक चौधरी के अनुसार वे ग्राम कटंगी थाना नवेगांव ग्रामीण के निवासी है। उनका पुत्र आदर्श शहर के बालक बूढी शासकीय हाई स्कूल में कक्षा दसवीं का छात्र है ,जो प्रतिदिन की तरह 2 जुलाई को भी स्कूल आया था। दोपहर करीब 12.30 बजे वह अपने घर लौट रहा था। तभी शहर के सरेखा अंडरपास के पास उसे 500 रूपये का नोट गिरा हुआ दिखाई दिया। छात्र ने पैसों को उठाने के लिए रुका, जैसे ही वह पैसों को उठा रहा था, वैसे ही वहां खड़ी एक वैन में कुछ लोगों ने उसे अपनी गाड़ी में बिठा लिया और उसे वहां से उठा कर ले गये। इसके बाद उसे कुछ पदार्थ सूंघाकर बेहोश कर दिया गया। आदर्श को भंडारा के समीप उस समय होशा आया, जब अपहरणकर्ता शौचालय के लिए रुके थे। जैसे-तैसे वह उनके चंगुल से छुटकर भागने में सफल हुआ। उसने वहां से जा रहे कुछ ग्रामीणों को आवाज दी। ग्रामीणों के आने के बाद अपहरणकर्ता मौके से फरार हो गए। ग्रामीणों ने आदर्श को भंडारा से गोंदिया जा रही ट्रेन में बिठा दिया । जिसके बाद आदर्श गोंदिया रेलवे स्टेशन पहुंच गया, जहां बालक को रोता देख गोंदिया के टीटी द्वारा उससे पूछताछ की गई। टीटी ने अपने मोबाइल से परिजनों से चर्चा कराई। सूचना मिलने के बाद पिता दीपक चौधरी और उनके परिजन रात्रि में गोंदिया रेलवे स्टेशन पहुंचे और आदर्श को साथ में लेकर आए। गुरुवार को परिजनों द्वारा इस पूरी घटना की शिकायत कोतवाली थाने में दर्ज कराई है। हालांकि, कोतवाली पुलिस ने इस मामले में कुछ भी कहने से मना कर दी है।
पिता दीपक चौधरी के अनुसार आदर्श उनका छोटा बेटा है। 2 जुलाई को जब वह घर नहीं पहुंचा तो उसके बुआ के घर या कोचिंग जाने का अंदेशा था। लेकिन वह शाम तक घर नहीं लौटा तो उन्हें इसकी चिंता होने लगी। परिजनों ने उसकी खोजबीन प्राारंभ की। इसी दौरान उन्हें शाम करीब 7 बजे गोंदिया रेलवे स्टेशन से एक टीटी का फोन आया, जिसने आदर्श के गोंदिया स्टेशन में होने और रोने की जानकारी दी। जिसके बाद उसे गोंदिया जाकर लाया गया है।

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