सागर में हुई इन्वेस्टर मीट संभाग के लिए सौगात होगी
हमारा सपना है, नर्मदा नदी को कोपरा-सुनार में जोड़ना, वह सपना बहुत जल्द ही पूरा हो सकेगा

दमोह : प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल ने कहा सागर संभाग में ये दूसरी इन्वेस्टर मीट हुई है, पहले जयंत मलैया जी उद्योग मंत्री थे उस समय 2008 में इन्वेस्टर मीट हुई थी। कल सागर में 23,500 करोड़ के इन्वेस्टमेंट होने का प्रॉमिस उद्योगपतियों ने किया है, दमोह जिले के लिए ओ.एन.जी.सी. का प्लेटफार्म हटा के आसपास मिला है, कुछ बटियागढ का हिस्सा है, उसमें गैस की बहुत अपार संभावना है। जबेरा और पथरिया के बाद बकेनी में कैंप लगा हुआ है, वहाँ पर भी अपार संभावना है।
राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा जहाँ तक हटा का सवाल है, हटा में एक साल से डेढ़ साल के अंदर वहाँ काम शुरू कर दिया जायेगा। इसका मतलब यह है कि वहाँ सारी व्यवस्थाएँ हो गई हैं। दूसरी हटा में सीमेंट इंडस्ट्री भी आ रही हैं, गैसाबाद के पास वह भी लगभग 2 हजार करोड़ की योजना है। राज्य मंत्री श्री पटेल ने कहा अगर दमोह में 4 से 5 हजार करोड़ की इंडस्ट्री लग रही है, यह दमोह की दिशा और दशा दोनों बदलने का काम करेगी, इससे लगभग चार से पांच हजार लोगों को रोजगार मिलेगा, जो की दमोह के लिए बड़ी सौगात है और भी 2 इंडस्ट्री आनी थी लेकिन किन्हीं कारणों से वह उसमें शामिल नहीं हो पाए, लेकिन मेरी उनसे लगातार बात चल रही है जो यहाँ पर इंडस्ट्री लगाने में इंट्रेस्टेड है।
उन्होंने कहा कल जो इन्वेस्टर मीट हुई है, वह पूरे संभाग के लिए सौगात होगी, मुख्यमंत्री जी ने जो कहा है वह बहुत बड़ी बात है, अभी तक एक राज्य से दूसरे राज्य में नदी से नदी जोड़ने की बात थी, अब प्रदेश के अंदर भी नदी से नदी को आपस में जोड़ने की बात उन्होंने कही है। मुझे लगता है जो हमारा सपना है, नर्मदा नदी को कोपरा-सुनार में जोड़ना, वो सपना बहुत जल्द ही पूरा हो सकेगा, क्योंकि जो हमारे राज्य के अंदर की नदियां जोड़ने की बात होगी तो निश्चित रूप से ये बहुत महात्वाकांक्षी योजना है और इसके साथ-साथ बुंदेलखंड का पूरा नक्शा बदल जाएगा। उन्होंने कहा हमारे एक छोटे से निवेदन पर मुख्यमंत्री जी ने तुरंत सहमति दी और व्यारमा नदी पर एक बड़ा डैम बनाकर के लगभग 4 लाख हेक्टेयर में सिचाई का काम होगा, जिससे दमोह जिला तो पूरा हो ही जायेगा और उसके अलावा हमारे पास कम से कम एक से डेढ़ लाख हेक्टेयर के लिए पानी और बचेगा, तो हम किसी दूसरे जिले को भी वो पानी दे सकते है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री जी का नेतृत्व है और उनकी जो सोच किसानों के प्रति, गांव गरीब मज़दूरों के प्रति, निश्चित रूप से बुंदेलखंड की एक एक इंच जमीन सिंचित हो जाएगी। लोग पहले कहते थे कि बुंदेलखंड सूखा है, यहाँ कुछ भी नहीं है, उसमें जो बदलाव हमको दिख रहा है, पिछले 10-15 सालों में वो निश्चित रूप से प्रदेश को पंजाब से भी अच्छा बनाने में सहयोग करेगा।राज्य मंत्री श्री पटेल ने मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद करते हुए उद्योगपतियों का भी स्वागत किया जिन्होंने बुंदेलखंड में इन्वेस्ट करने की सोची।
