
नई दिल्ली। राज्यसभा का सत्र मंगलवार को भी हंगामेदार रहा। नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सभापति पर ही सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का नाम लेकर सवाल किया कि सदन कौन चला रहा है? खरगे के इस बयान से सदन में जमकर नारेबाजी हुई। उपराष्ट्रपति पद से अगस्त में जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह पद पर असीन हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, खरगे ने कहा, हमारे पुराने नेताओं ने भी माना है कि व्यवधान डालना भी लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन आज मैं आपसे एक बाद पूछना चाहता हूं कि सदन कौन चला रहा है? आप या केंद्रीय गृहमंत्री शाह। इस पर उपसभापति सिंह ने जवाब दिया, ये एकदम गलत आरोप हैं।
एसआईआर को वापस लेने की मांग कर रहे विपक्षी दलों ने राज्यसभा में जोरदार हंगामा किया। इसकारण सदन की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित करना पड़ी। उप सभापति हरिवंश ने जरूरी विधायी दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाने के बाद सदस्यों को बताया कि उन्हें नियम 267 के तहत कार्यस्थगन प्रस्ताव के 34 नोटिस मिले हैं। उन्होंने कहा कि ये सभी नोटिस नियमों के अनुरूप नहीं हैं इसलिए स्वीकार नहीं है।
इससके पहले उन्होंने सदन को बताया कि नेता विपक्ष खरगे ने गत एक अगस्त को उन्हें एक पत्र लिख कर आसन के निकट सीआईएसएफ के जवानों की तैनाती पर आपत्ति जाहिर की थी। इसी बीच विपक्ष के सदस्यों ने अपनी जगह से उठकर शोर शराबा शुरू कर दिया।
उपसभापति ने हंगामे के बीच ही कहा कि यह चिंता की बात है कि नेता विपक्ष ने अपना पत्र सभी मर्यादाओं को भूलकर मीडिया को जारी किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष आसन की अपील के बावजूद बार बार नियमों का उल्लंघन कर कार्यवाही को बाधित कर रहा है। यहां तक कि विपक्ष के सदस्य सदन में अपनी बात रखने वाले सदस्यों की सीट पर जाकर वहां भी व्यवधान पैदा कर रहे हैं। यह नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि सदस्यों को अपने आचरण पर आत्मनिरीक्षण करना चाहिए।
