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राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर चुनावों में धांधली होने का बड़ा आरोप लगाया
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता विपक्ष और रायबरेली से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर बीते कुछ चुनावों में धांधली होने का बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने महाराष्ट्र, कर्नाटक सहित कई राज्यों की कथित वोटर लिस्ट दिखाई जिसमें एक ही पते पर कई नाम दर्ज थे। उन्होंने मतदाता सूची दिखाई जिसमें कई वोटरों के मकान नंबर शून्य लिखा था और पिता का नाम भी गलत लिखा हुआ था। एक वोटर में पिता का नाम डिफोजगैड्फ’ दिया गया था।
उन्होंने कर्नाटक के एक विधानसभा क्षेत्र का हवाला देकर आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर धांधली करके भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को फायदा पहुंचाया गया। उन्होंने एक प्रेसवार्ता में कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र के मतदाता सूची के आंकड़ों की प्रस्तुति देकर धांधली का दावा किया। राहुल गांधी ने बताया कि ‘‘चुनाव धांधली’’ के सबूत एकत्र करने में कुल 6 माह का समय लगा है। उन्होंने दावा किया कि निर्वाचन आयोग मतदाता सूचियों को ‘मशीन के पढ़ने योग्य’ (मशीन रीडेबल) डेटा नहीं दे रहा है, ताकि ये सब पकड़ा नहीं जा सके।
राहुल गांधी ने कहा कि उनकी टीम ने महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र के डेटा का विश्लेषण कर गड़बड़ी का पता किया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा बेंगलुरु मध्य लोकसभा सीट के सभी सात विधानसभा क्षेत्रों में छह में पिछड़ गई, लेकिन महादेवपुरा में बीजेपी को एकतरफा वोट मिला। राहुल गांधी ने कहा कि लोकसभा चुनाव में महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में 1,00,250 मतों की चोरी हुई। उन्होंने कहा, ‘‘एक पते पर 50-50 मतदाता थे…कई जगहों पर नाम एक थे, फोटो अलग अलग थे।
राहुल गांधी ने कहा, ‘‘हमारे संविधान में जो बातें निहित हैं, वहां इस तथ्य पर आधारित हैं कि एक व्यक्ति को एक वोट का अधिकार होगा। सवाल यह है कि अब यह विचार कितना सुरक्षित है कि एक व्यक्ति को एक वोट अधिकार मिलेगा? राहुल गांधी ने कहा, बीते कुछ समय से जनता में एक संदेह था। सत्ता विरोधी माहौल दल के खिलाफ होता है, लेकिन भाजपा इकलौती ऐसी पार्टी जिसके खिलाफ माहौल नहीं होता। उन्होंने महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव का उल्लेख कर कहा कि सर्वेक्षण कुछ कह रहे थे, लेकिन नतीजे कुछ और हो गए।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘जब ईवीएम नहीं था, तब पूरा देश एक दिन वोट किया करता था, लेकिन आज के जमाने में कई चरणों में मतदान होता है..इसकारण लंबे समय से संदेह की स्थिति थी।’’ राहुल गांधी ने दावा किया कि आम चुनाव के बाद महाराष्ट्र में पांच महीनों के भीतर इतने मतदाताओं के नाम जोड़ दिए गए, जो पहले पांच साल की अवधि में नहीं जुड़े थे। उन्होंने कहा, ‘‘महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव के दौरान एक करोड़ मतदाता बढ़ गए। हम निर्वाचन आयोग के पास गए…हमने पूरी निश्चितता के साथ यह कहा कि महाराष्ट्र में चुनाव की चोरी की गई।’’
राहुल गांधी ने कहा महाराष्ट्र में, 5 महीनों में 5 साल से ज्यादा मतदाताओं के जुड़ने से हमारा संदेह बढ़ा और फिर शाम 5 बजे के बाद मतदान में भारी उछाल देखने को मिला। विधानसभा में हमारा गठबंधन पूरी तरह से साफ हुआ और लोकसभा में हमारा गठबंधन पूरी तरह से साफ हो गया। यह बेहद संदिग्ध है। इसके बाद हमारी जांच में सामने आया कि लोकसभा और विधानसभा के बीच एक करोड़ नए मतदाता जुड़े। हम चुनाव आयोग गए और लिखा, और हमारे तर्क का सार यह था कि महाराष्ट्र चुनाव चुराया गया था। समस्या की जड़ क्या है? मतदाता सूची इस देश की संपत्ति है। चुनाव आयोग हमें मतदाता सूची देने से इंकार कर रहा है और फिर उन्होंने कुछ बहुत ही दिलचस्प किया। उन्होंने कहा कि हम सीसीटीवी फुटेज नष्ट कर देते हैं। यह हमारे लिए आश्चर्यजनक था क्योंकि महाराष्ट्र में शाम 5:30 बजे के बाद भारी मतदान के बारे में एक सवाल था ताकि संख्याओं का मिलान किया जा सके।
राहुल गांधी के अनुसार, निर्वाचन आयोग ने ‘मशीन से पढ़ने योग्य’ (मशीन रीडबल) मतदाता सूची देने से इंकार किया। राहुल गांधी ने कहा, पहले हमारे पास इसका सबूत नहीं था कि भाजपा के साथ मिलकर धांधली की जा रही है…इसके बाद हमने इसका पता लगाने का फैसला किया। राहुल गांधी ने बीते एक अगस्त को दावा किया था कि निर्वाचन आयोग ‘वोट चोरी’ में शामिल है और इस बारे में उनके पास ऐसा पुख्ता सबूत है जो ‘एटम बम’ की तरह है जिसके फटने पर आयोग को कहीं छिपने की जगह नहीं मिलेगी

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