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दमोह ! स्मार्ट मीटर को लेकर लगातार हो रहे विरोध के बीच अब बिजली विभाग के अधिकारियों ने शिकायतों के मौकास्थल पर ही निरीक्षण कर उपभोक्ताओं की शंका निवारण व शिकायतों के निराकरण का सिलसिला शुरू कर दिया है ! कार्यपालन अभियंता (संचा./संधा.) म.प्र.पू.क्षे.वि.वि.कं.लि.,दक्षिण संभाग दमोह ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि आर.डी.एस.एस. योजनांतर्गत दमोह शहर एवं अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर स्थापित किये जा रहे हैं, जिसमें एक उपभोक्ता द्वारा दिनांक 14.07.2025 को एक समाचार प्रकाशित कराया गया था जिस पर विधुत विभाग दमोह द्वारा सत्यता की जांच की गई। प्रकरण में बताया गया कि फुटेरा वार्ड में स्थित मकान निवासी श्री कृष्णा सोनी द्वारा बताया गया कि 19 जून को अपने परिवार सहित इन्दौर गए थे, जाते समय मीटर बंद करके गए थे और घर के सभी बिजली उपकरण बंद थे। रीडिंग नोट करके गए थे लेकिन जब तीन दिन बाद घर वापस लौट कर आए और स्मार्ट मीटर की रीडिंग चैक की तो तीन दिन में ऑटोमेटिक साढ़े 5 यूनिट रीडिंग बढ़ गई थी। जिसकी शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। कलेक्ट्रेट में आवेदन भी दिया लेकिन समस्या का समाधान नहीं कराया गया।
प्रकरण में दिनांक 15.07.2025 को उपभोक्ता श्री कृष्णा सोनी IVRS नं. 1307030429 के परिसर पर स्मार्ट मीटर के सीरीज़ में चैक मीटर (Non Smart Meter) स्थापित किया गया जिसकी रीडिंग उपभोक्ता श्री कृष्णा सोनी के समक्ष दिनांक 17.07.2025 को स्मार्ट मीटर एवं चैक मीटर का मिलान किया गया जिसमें दोनो मीटर में रीडिंग 7.5 यूनिट दर्ज हुई। जिसे उपभोक्ता श्री कृष्णा सोनी को दिखाकर संतुष्ट कराया गया।
इसी प्रकार दिनांक 30.07.2025 को पुनः स्मार्ट मीटर एवं चैक मीटर का मिलान श्री कृष्णा सोनी के समक्ष कराया गया जिसमें स्मार्ट मीटर में 60 यूनिट एवं चैक मीटर में भी 60 यूनिट खपत दर्ज पाई गई। इस प्रकार 3 दिन एवं 15 की दिन खपत का मिलान स्मार्ट मीटर एवं चैक मीटर से उपभोक्ता श्री कृष्णा सोनी को कराया गया जिससे स्पष्ट है कि उपभोक्ता श्री कृष्णा सोनी द्वारा स्मार्ट मीटर पर आक्षेप लगाते हुए बंद मकान में साढ़े 5 यूनिट बढ़ गई है, का झूठा आरोप लगाकर भ्रम उत्पन्न करने का प्रयास किया गया है।

कार्यपालन अभियंता (संचा./संधा.) म.प्र.पू.क्षे.वि.वि.कं.लि.,दक्षिण संभाग दमोह ने बताया कि यदि किसी भी उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर में रीडिंग तेज चलने की शिकायत आ रही है तो कंपनी नियमानुसार ऐसे उपभोक्ताओं को निःशुल्क चेक मीटर लगाकर संतुष्टि दिलाई जाती है इसके साथ ही स्मार्ट मीटर द्वारा ऑटोमेटिक प्रक्रिया के माध्यम से रीडिंग सर्वर पर आती है, जिसमें मानवीय त्रुटि शून्य रहती है। इस प्रकार स्मार्ट मीटर से गलत बिल जारी होने का प्रश्न ही नहीं उठता।

  

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