
तीन माह में जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपें
चेन्नई। मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलनाडु पुलिस को फटकार लगा दी है, क्योंकि उन्होंने हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने वाली एक फेसबुक पोस्ट पर ठीक से कार्रवाई नहीं की। मद्रा हाईकोर्ट ने कहा कि हिंदू देवताओं को अपमानजनक तरीके से दिखाना सही नहीं है, क्योंकि इससे लाखों लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत होकर समाज में तनाव बढ़ सकता है।
दरअसल एक फेसबुक पोस्ट में भगवान कृष्ण को गोपियों के कपड़े चुराते हुए दिखाया गया था, जिसमें आपत्तिजनक कैप्शन लिखे गए थे। एक यूजर ने इस पर टिप्पणी कर कृष्ण जयंती को इसतरह के व्यक्ति का पर्व बताया जो नहाती हुई महिलाओं के कपड़े चुराते हैं। इसके बाद एक व्यक्ति ने इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई।
वहीं इस पूरे मामले में पुलिस ने जांच को सही से नहीं किया। पुलिस ने कहा कि उन्हें फेसबुक (मेटा) से यूजर के बारे में जानकारी नहीं मिली, इसके बाद उन्होंने केस बंद कर दिया। इस पर कोर्ट ने पुलिस की आलोचना कर कहा कि पुलिस ने जांच सिर्फ फेसबुक से जानकारी लेने तक ही सीमित रखी। कोर्ट ने बताया कि फेसबुक पेज पर पहले से ही यूजर की जानकारी मौजूद थी, जिसका इस्तेमाल किया जा सकता था। कोर्ट ने पुलिस फिर से जांच शुरू कर तीन महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।
जस्टिस के. मुरली शंकर ने कहा कि धार्मिक चित्रों को दिखाने में संवेदनशीलता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अभिव्यक्ति की आजादी की वजह से किसी की धार्मिक भावनाएं आहत न हों। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस तरह के काम समाज में दुश्मनी और सांप्रदायिक तनाव पैदा कर सकते हैं, इसलिए इन्हें गंभीरता से लेना चाहिए।
