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पैसे के लेन-देन, कार्य न करने को लेकर हुए विवाद में की थी हत्या
हत्या में प्रयुक्त लोहे का फावड़ा, साक्ष्य मिटाने के लिए उपयोग की गई सामग्री को किया जब्त
बालाघाट। खैरलांजी थाना पुलिस ने 8 अगस्त की रात्रि की गई राजेंद्र उर्फ राजू राहंगडाले की हत्या का खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी नीलेश पिता बलीराम चौड़े 44 वर्ष निवासी बिरसोला थाना लालबर्रा, सह आरोपियों में जिला सिवनी के रुपेश पिता इंद्रकुमार भालेकर 34 वर्ष निवासी मोहगांव, विनोद उर्फ गोलू पिता भागचंद टेंमरे उम्र 32 वर्ष निवासी मोवाड़ और नरेंद्र उर्फ चंटी पिता रुपचंद टेंमरे उम्र 28 वर्ष निवासी बरघाट को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने बताया कि सीएम राइज स्कूल खैरलांजी की पहली मंजिल के एक कमरे में राजेंद्र उर्फ राजू राहंगडाले और नीलेश चौड़े के बीच पैसे व काम न करने को लेकर विवाद हुआ था। विवाद के दौरान नीलेश ने कमरे में रखे लोहे के फावड़े से राजू के सिर पर वार कर दिया। जिसके कारण वह गंभीर रुप से घायल होकर बेहोश हो गया। जिसे प्राथमिक उपचार के लिए सीएचसी खैरलांजी में भर्ती कराया गया, जहां से डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। 10 अगस्त को उपचार के दौरान राजू की मौत हो गई। इधर, घटना की सूचना मिलते ही वारासिवनी एसडीओपी अभिषेक चौधरी, थाना प्रभारी खैरलांजी निरीक्षक रामसिंह पटेल और फॉरेंसिक अमले ने मौके पर पहुंचकर घटना स्थल का निरीक्षण किया। आरोपियों के खिलाफ धारा 103 (1), 238 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया।
राजू के गिरने से मौत होने की दी थी जानकारी
इस मामले में मृतक राजू के सहकर्मी नीलेश ने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। नीलेश ने हत्या के बाद फावड़े को उसी भवन के दूसरे मंजिल में छिपा दिया था। पूछताछ में नीलेश ने राजू की मौत गिरने से होने की जानकारी दी थी। पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो उसने सारे राज उगल दिए। पुलिस ने इस मामले में नीलेश को लालबर्रा थाना क्षेत्र के ग्राम देवरी से गिरफ्तार किया था।
डीजल, पेट्रोल से जलाकर मिटाए थे साक्ष्य
इस मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपियों में सीएम राइज स्कूल के सुपरवाइजर रूपेश भालेकर ने घटना को छिपाने का प्रयास किया। अपने अधीनस्थ कर्मचारी नरेंद्र उर्फ चंटी और विनोद उर्फ गोलू टेमने के साथ मिलकर पहले कमरे पड़े खून को पहले कपड़े से साफ किया। इसके बाद खून से सने कपड़े और बर्तन को डीजल व पेट्रोल डालकर जला दिया। बाद में कमरे की गंध को खत्म करने के लिए फर्श पर डीजल-पेट्रोल डालकर आग लगाकर साक्ष्य को नष्ट किया।
इस कार्यवाही में थाना प्रभारी खैरलांजी निरीक्षक रामसिंह पटेल, प्रधान आरक्षक विवेक ठाकरे, वीरेंद्र नागभिरे, आरक्षक विष्णु जाट, आकाश का योगदान रहा।

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