
छिंदवाड़ा। नाबालिग से दुष्कर्म करने के एक मामले में विशेष न्यायाधीश श्रीमती तृप्ति पांडे पाक्सो एक्ट के न्यायालय ने आरोपी अनिल को आजीवन कारावास और 2 हजार रूपए के अर्थदंड से दंडित किया है। प्रकरण में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक दिनेश कुमार उईके ने पैरवी की और विवेचना मेधा गोहिया उ.नि. महिला सुरक्षा शाखा छिन्दवाड़ा एवं राजेश सिंह बंजारे उप. पुलिस अधीक्षक (अजाक) द्वारा की गई। अभियोजन के अनुसार २३ सितम्बर २०२४ को पीड़िता घर पर अकेली थी और परीक्षा देने स्कूल जा रही थी, तभी अनिल उसे रास्ते में बाईक लेकर मिला, उसे देखकर उसने जबरन अपनी बाईक पर बिठाने का प्रयास किया और झाड़ियों में ले जाकर उसके साथ बलपूर्वक ज्यादती की। पीड़िता चीखने-चिल्लाने पर आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी और मौके से भाग निकला। डरी-सहमी नाबालिग ने पिता के खेत से आते ही उसे घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजन पीड़िता को लेकर लावाघोघरी थाना पहुंचे और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 65 (1), 126(2), 137(2), 351(3) बीएनएस एव 3,4(2) पॉक्सो एक्ट एवं 3/2) (व्ही), 3(2) (व्ही.ए), 3(1) (2) (द्ब) एस.सी./एस.टी. एक्ट अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया। जहां न्यायालय ने विचारण के पश्चात आरोपी को उक्त सजा से दंडित किया। साथ ही नाबालिग पीडिता को न्यायालय द्वारा 2 लाख रूपये क्षतिपूर्ती राशि दिये जाने की अनुशंसा के साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देशित किया गया है।
