कांग्रेस पार्षदों को साथ लेकर भाजपा पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में 19 पार्षदों ने हस्ताक्षर किए

सिंधिया के संसदीय क्षेत्र में भाजपा में कलह
शिवपुरी। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली शिवपुरी नगर पालिका में इस समय भाजपा नेताओं में आपस में गृह युद्ध का वातावरण निर्मित हो गया है। भाजपा की नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा को हटाने के लिए भाजपा के पार्षद लामबंद हो गए हैं। इन पार्षदों ने 11 अगस्त को कलेक्टर को अविश्वास प्रस्ताव का आवेदन दिया था इस क्रम में कलेक्टर ने सोमवार को इन पार्षदों को अपने समक्ष हस्ताक्षर पुष्टिकरण के लिए बुलाया था जिसमें 19 पार्षद कलेक्टर की समक्ष प्रस्तुत हुए और हस्ताक्षर वेरिफिकेशन पर अपनी सहमति व्यक्त की।
अब गेंद कलेक्टर के पाले में-
सोमवार को कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी के समक्ष जो 19 पार्षद पहुंचे उनमें भाजपा पार्षदों के अलावा कुछ कांग्रेसी पार्षद भी थे जो भाजपा की नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा को हटाने के पक्ष में हैं। अब कलेक्टर को इस मामले में परिषद का सम्मेलन बुलाना है जिसके लिए उन्हें इसकी तारीख निश्चित करनी है।
गायत्री शर्मा के खिलाफ भाजपा पार्षदों में आक्रोश-
करीब 3 साल पहले शिवपुरी नगर पालिका अध्यक्ष के जब चुनाव हुए थे तो पूर्व खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया समर्थक नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा को निर्विरोध अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचित किया गया था। उसे समय भाजपा के पार्षदों ने खेल मंत्री यशोधरा राजे रसिंधिया के दबाव में गायत्री शर्मा के नाम पर हामी भर दी थी, लेकिन अब मामला बिगड़ गया है। भाजपा यहां पर दो गुटों में बंट गई है।
विरोध में चाहिए 30 पार्षद-
शिवपुरी नगर पालिका परिषद में 39 पार्षद है जिसमें से भाजपा के 22 पार्षद है और 7 निर्दलीय हैं जबकि कांग्रेस के 9 पार्षद हैं। इस तरह से बड़ी संख्या में पार्षद नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ हैं। जानकार बताते हैं कि अगर 30 पार्षद एकजुट होकर अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में वोट कर देते हैं तो भाजपा की नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा का हटना तय है। वहीं दूसरी ओर नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा यदि 13 पार्षदों का समर्थन अपने पक्ष में जुटा लेती हंै तो वह अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब हो जाएंगी।
ज्योतिरादित्य और प्रदेश नेतृत्व से हो चुकी है शिकायत –
गुना शिवपुरी संसदीय क्षेत्र के सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शिवपुरी नगर पालिका में अध्यक्ष गायत्री शर्मा की कार्य प्रणाली को लेकर भाजपा पार्षदों ने केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और जिला अध्यक्ष जसवंत जाटव सहित प्रदेश के भाजपा नेताओं से भी शिकायत की लेकिन कुछ नहीं हुआ। इसके बाद 11 अगस्त को भाजपा पार्षदों ने कुछ निर्दलीय और कांग्रेसी पार्षदों को साथ लेकर नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का आवेदन कलेक्टर को दिया। ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित वरिष्ठ नेताओं को शिकायत करने के बाद भी भाजपा में चल रही आपसी गुटबाजी को लेकर हल नहीं निकाला जिसके कारण यह मामला बढ़ गया है। इस मुद्दे पर चल रही नाराजगी के बीच भाजपा के जिला उपाध्यक्ष और संगठन से जुड़े नेता ओमी जैन पूर्व में अपना इस्तीफा दे चुके हैं। मामला बढ़ा तो बाद में इन्हें मनाने के लिए जिला अध्यक्ष जसवंत जाटव भी गए थे लेकिन अभी तक उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है।
