
सुविधाओं को तरस रहे बालाजी धाम कॉलोनी के रहवासी
अशोकनगर। नगर पालिका के कॉलोनी विकास नियम के तहत सड़क, पानी, बिजली, सीवेज, स्ट्रीट लाइट आदि मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था करना और इनके लिए पर्यवेक्षण शुल्क जमा करना भी आवश्यक है। इन नियमों का पालन न करने पर कॉलोनाइजर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें जुर्माना, जेल और संपत्ति जब्त करने जैसी सजाएं शामिल हो सकती हैं।
शहर की कई कालोनियां इन नियमों को ताक पर रखकर काटी जा रही हैं। कालोनी में बिजली, पानी तो दूर सड़क जैसी मूलभूत सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। ऐसी ही एक कालोनी बालाजी धाम कालोनी शहर में बसी है। यहां प्लॉट काटते समय कालोनाइजर द्वारा रहवासियों को सभी सुविधायें उपलब्ध कराने के बड़े-बड़े सपने दिखाए गए। लेकिन उन्हे जमीनी हकीकत पर नहीं उतारा गया। जिसके चलते यहां के रहवासी परेशान हो रहे हैं। बारिश के मौसम में रास्ता कीचड़ से भर जाता है, जिसमें से होकर निकालना पड़ता है, सबसे ज्यादा स्कूल में पढ़ने जाने वाले बच्चों को परेशानी होती है। कॉलोनी में पानी निकासी के लिए नाले, नालियां नहीं है। जिससे घरों, बारिश का पानी रास्ते में भर जाता है और कीचड़ हो जाती है। कॉलोनाइजर ने तो कॉलोनी के प्लांट बेचकर खूब पैसा कमाया लेकिन कॉलोनी वासियों को सुविधाएं नहीं दीं। प्रशासन भी इन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। प्रशासन के संज्ञान में होने के बाद भी अभी तक बालाजी धाम कॉलोनी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे सवाल उठ रहे हैं कि कहीं कॉलोनाइजर से सांठ-गांठ तो नहीं कर ली, जिसके चलते उक्त कॉलोनी पर प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। भले ही वहां के रहवासी बारिश के मौसम में कीचड़ भरे रास्तों पर से निकलने में परेशान होते रहे।
अवैध कॉलोनी बनी लोगों की परेशानी:
कॉलोनी काटने के लिए रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी में पंजीकरण, नगर तथा ग्राम निवेश से योजना का अनुमोदन, कृषि भूमि का डायवर्सन, और संबंधित शहरी निकाय (जैसे नगर निगम या नगर पालिका) और कलेक्टर से विकास की अनुमति लेना अनिवार्य है। लेकिन शहर तथा आसपास के गांवों की निजी जमीन खरीद कर, कहीं सरकारी जगह पर कब्जा कर भू-माफियाओं द्वारा नियम विरुद्ध अवैध रूप से कॉलोनियां काट दी गई। और गरीब जरूरतमंद लोगों को सभी मूलभूत सुविधाएं देने का वादा करते हुए मुंह मांगे दामों में प्लाट बेच दिए। जरूरतमंद लोगों द्वारा प्लाट खरीद कर वहां अपने आशियाने बनाकर रहना शुरू कर दिया। ना तो वहां नियमानुसार कॉलोनाइजर ने प्रशासन से अनुमति ली और ना ही वहां रह वासियों को कॉलोनी में मूलभूत सुविधाएं सड़क बिजली पानी नालियां नाले, गार्डन, मंदिर आदि दिए गए। लोगों ने प्लाट खरीद कर रहना तो शुरू कर दिया लेकिन, बगैर सुविधाओं उन्हें आज हो रही परेशानी सर दर्द बनी हुई है। और इन अवैध कॉलोनियों में ना तो शासन-प्रशासन कोई विकास कार्य करा रहा। और ना ही कॉलोनाइजर जिससे लोग परेशान हो रहे हैं।
कुछ वर्ष पूर्व काटी गई थी यह अवैध कालोनी:
शहर में कोलुआ रोड तरफ कुछ वर्ष पूर्व बालाजी धाम के नाम से संतोष जैन पत्थर वाले ने यह कॉलोनी काटी थी, और गरीब जरूरतमंद लोगों को सर्व सुविधा युक्त कॉलोनी कहकर मुंह मांगे दामों पर प्लांट बैंचे, लोगों को विश्वास दिया कि कालौनी में बिजली सड़क नालियां पानी की पर्याप्त व्यवस्था रहेगी। प्लाट खरीदने बाल होने का कॉलोनाइजर पर भरोसा कर प्लाट खरीदे और अपने आशियाने बनाकर रहने लगे लेकिन समय के साथ कॉलोनाइजर भी कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध नहीं करा पाया और बात आई गई हो गई। अवैध कॉलोनी होने के चलते नगर पालिका, प्रशासन कम ध्यान दे पाया। बालाजी कॉलोनी वार्ड नंबर 6 में है, लेकिन विकास के नाम पर अत्यधिक पिछड़ी हुई है। ना तो सड़क है नाल ना लिया जिससे पानी की निकासी सुचारू रूप से हो सके, बारिश के समय तो हालात और भी बदतर हो जाते हैं, नाथू प्रशासन सुन रहा ना कालो ना इधर मजबूरी में लोग बगैर सुविधाओं के पानी कीचड़ गंदगी भरे रास्तों से गुजरने और उस सुविधा विहीन अपेक्षित कॉलोनी में रहने को मजबूर है बारिश के पानी सहित घरों का पानी निकासी के कोई साधन न होने के चलते घरों में पानी भर रहा है, जिससे मच्छर सहित मौसम जनित बीमारियां बढ़ रही है। लोग बीमार हो रहे हैं। लेकिन प्रशासन भी अवैध कालोनाइजर पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा।
