व्यक्तियों और संस्थानों को सशक्त बनाने डिस्ट्रिक्ट प्रोसेस लैब अंतर्गत कार्यशाला का हुआ शुभारंभ

दमोह : आदि कर्मयोगी अभियान की बहुत बढ़िया पहल सरकार ने की, यह अभियान अंतिम छोर के व्यक्तियों के हितों और आदिवासी ग्रामों में जहां-जहां आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र हैं, अब कर्मयोगी भावना से यह योजना अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुचेगी ताकि ज्यादा से ज्यादा लाभ आदिवासी भाई-बहनों, बुर्जेगों और महिलाओं को मिलेगा। प्रत्येक क्षेत्र में उन्नती भी होगी। इस आशय की बात हटा विधायक उमादेवी खटीक ने आदि कर्मयोगी अभियान रेस्पॉन्सिव गवर्नेस प्रोग्राम जनजातीय विकास और परिवर्तन के लिए व्यक्तियों और संस्थानों को सशक्त बनाने डिस्ट्रिक्ट प्रोसेस लैब अंतर्गत गुरूकृपा होटल में आयोजित कार्यशाला के दौरान कही। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता गौरव पटेल, कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर और जनजातीय कार्य विभाग संयोजक अदिती शांडिल्य मंचासीन रही। कार्यशाला का शुभारंभ माँ सरस्वती और भगवान बिरसामुंडा के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन और माल्यापर्ण कर किया गया।

हटा विधायक श्रीमती खटीक ने कहा आदिवासी भाई जो पूर्व से जल-जंगल-जमीन के लिए अपना संघर्ष करते रहे उनके लिए यह कर्मयोगी अभियान चलाया गया हैं। मुझे भी बहुत प्रसन्नता है और एक विधायक होने के नाते में भी एक कर्मयोगी बनकर अपने क्षेत्र में आदिवासी भाई-बहनो के बीच में जाकर उनके सुख-दुख को आत्मसात करते हुए काम करने के लिए अग्रसर रहॅूगी।इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता पटेल ने कहा भगवान बिरसामुंडा ने जंगल को सुरक्षित और संरक्षित रखा जिससे सभी अच्छे से स्वच्छ ऑक्सीजन ले पा रहे हैं और अपनी क्रियाएं कर पा रहे हैं। आज आदि कर्मयोगी मिशन सरकार द्वारा चलाया जा रहा है। सरकार की बहुत अच्छी मंशा है, सभी जानते हैं कि सरकार सभी समुदाय के लोगों के लिए जो अंतिम पंक्ति में व्यक्ति खड़ा है, आखिरी व्यक्ति तक योजना कैसे पहुंचे और कैसे हर एक योजना को हर एक व्यक्ति को लाभ मिले इसके लिए हमारी सरकार ढृढ संकल्पित हैं।
कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने कहा यह एक ऐतहासिक कार्यक्रम है और कई मायनों में यह पुराने कार्यक्रमों से बहुत भिन्न हैं। जैसा कि इसके नाम में हैं आदि कर्मयोगी यानि आदिवासी भाई-बहनों के लिए जो कर्मयोगी बन करके आएंगे उन लोगों का प्रशिक्षण आज से 03 दिन का शुरू हुआ है। विधायक हटा श्रीमति खटीक, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमति पटेल ने इसमें अपना मार्गदर्शन लोगों को दिया हैं, जो लोग यहाँ पर आज ट्रेनिंग ले रहे हैं यह सभी अलग-अलग विभाग स्वास्थ विभाग, महिला बाल विकास विभाग, राजस्व विभाग, वन विभाग, पंचायत एवं गामीण विकास विभाग इन सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी हैं। यह सभी सेवा, समर्पण, संकल्प के भाव के साथ आगे किस प्रकार से काम करें कि जिले के जितने आदिवासी भाई-बहन जो 170 गॉवो में निवासरत् है, उन तक शासकीय योजना और कार्यक्रमों का पूरा लाभ पहुँच सकेगा।
उन्होंने कहा यह अभियान सामान्य शासकीय नौकरी से कहीं बढ़ करके बहुत समर्पण और सेवा के भाव के साथ काम करने का एक नया आगाज हैं। कलेक्टर श्री कोचर ने कहा कि मैं इसके लिए सभी को शुभकामनाएं देता हूँ आज से तीन दिन का प्रशिक्षण शुरू हो गया और प्रशिक्षण लेने के बाद अब ग्रामीण स्तर पर प्रशिक्षण शुरू होगा और इसी प्रकार से हम आदि सेवा केंद्र जल्द ही 15 सितंबर के पहले चालू करने वाले हैं जहां पर आदिवासी भाई-बहनो को सभी प्रकार की प्रमुख सेवाएं जो हैं उनको वहीं पर मिल जाएंगे उनको लिए तहसील या जिला लेवल पर नहीं आना पड़ेगा।
जिले के 07 प्रमुख विभागों के अधिकारियों ने भोपाल से मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण प्राप्त कर आये हुए हैं जिनके द्वारा इस कार्यशाला में प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं। इस अवसर पर जिला संयोजक अदिती शांडिल्य ने अभियान के बारें में विस्तार से अपनी बात रखी। इस दौरान मास्टर ट्रेनर्स बहुत ही रोचक तरीके से प्रशिक्षण की शुरूआत की। इसमें संचालन डाँ मनोज राज, डाँ रेक्सन अलवर्ट और अन्य ने शानदार तरीके से अपनी बाते रखी।
