जिले में खाद की कोई कमी नहीं है, किसान न हों परेशान

दमोह। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने जिले के किसानों से कहा है लगातार जिला प्रशासन खाद वितरण करा रहा है। यह हो सकता है कि कई जगहों पर लंबी लाइने लग रही हैं लेकिन खाद की कहीं पर भी कोई कमी नहीं है और खाद की आपूर्ति भी सरकार के माध्यम से हो रही है। कलेक्टर श्री कोचर ने कहा कि किसान भाई-बहन निश्चिंत रहे। उनको खाद को लेकर किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होने कहा पैनिक ना हो, चिंतित ना हो खाद यदि मान लीजिए कहीं पर खत्म हो जाता है तो एक या दो दिन में फिर रेक आ जाती है तो वितरण फिर शुरू हो जाता है तो इसलिए किसी को भी चिंता करने की आवश्यकता नहीं। जो अभी की स्थिति है हमारे यहॉ सभी जगह खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है केवल जबेरा में शाम तक यूरिया खत्म होने की स्थिति बनेगी लेकिन वहॉ भी 1-2 दिन में यूरिया आ जाएगा तो किसी को भी पैनिक करने की ज़रूरत नहीं और जितना मैं समझ रहा हूँ अभी अब यूरिया की उतनी आवश्यकता भी तत्काल नहीं है जो यूरिया की आवश्यकता का समय था वह निकल गया अब फास्फेट की आवश्यकता ज्यादा है।
कलेक्टर श्री कोचर ने कहा जिला प्रशासन ने जो व्यवस्था कि उसके संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि जिले में हमारी 102 समीतियां हैं सभी समीतियों को अग्रिम भण्डारण के निर्देश दियें जो किसान समीतियों के सदस्य हैं और जो डिफाल्टर्स नहीं हैं उनसे अनुरोध है कि आप समीतियों से खरीदें। समीतियों में पर्याप्त मात्रा मे यूरिया, डीएपी और एनपीके उपलब्ध है और समितियों से किसान अग्रिम भण्डारण अपने पास कर लेंगे तो आगे रैक और मिलती जाएगी तो जितने किसान समितियों के सदस्य हैं वह समितियों में जाएं और समितियों से जरूर उर्वरक लेने का कष्ट करें। उन्होने बताया कि जो किसान समितियों के सदस्य नहीं बने है तो हम अभियान चला रहे हैं कि किसान समितियों के सदस्य बने।कलेक्टर श्री कोचर ने बताया कि एमपी एग्रो और मार्केटिग सोसायटी इन दोनों स्थानो पर भी खाद वितरण केंद्र दमोंह में शुरू किया हुआ है तो आप वहां से भी खाद ले सकते हैं।कलेक्टर श्री कोचर ने कहा कि यदि वह एक एकड़ ,दो एकड़, तीन एकड़ के किसान है, सभी लोग नेनो उर्वरको का प्रयोग करें और खासतौर से जो तीन एकड़ या उससे ज्यादा के किसान हैं वह कम से कम एक बोटल नेनो डीएपी या नेनो यूरिया का जरूर उपयोग करें।
कलेक्टर श्री कोचर ने कहा कि मैंने पहले भी आप लोगों को कई बार बताया है कि पूरे विश्व में डीएपी की कमी है क्योंकि यह हम इंपोर्टे करते हैं, इसको हम विदेशो से आयात करते हैं, उसके विकल्प के रूप में हमारे पास एनपीके भरपूर मात्रा में उपलब्ध है, इसलिए मेरा आप लोगों आग्रह है कि अधिकतम एनपीके का प्रयोग करें और डीएपी की हमारे दिमाग में एक मनोविज्ञानिक छवी बनी हुई कि डीएपी अच्छा है लेकिन एनपीके में भी वही सभी गुण है इसलिए अधिकतम आप एनपीके का उपयोग करेंगे तो वह पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध भी है और आपको किसी प्रकार की दिक्कत नही होगी तो इस प्रकार से यह हमारी पूरी व्यवस्था है, मैं चाहूँगा कि आप सब इसमें सहयोग करें।
