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दमोह: म.प्र.राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के आदेशानुसार एवं प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष सुभाष सोलंकी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दमोह के मार्गदर्शन में 13 सितंबर 2025 दिन शनिवार को जिला मुख्यालय दमोह, तहसील हटा, पथरिया एवं तेंदूखेड़ा में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जावेगा, जिसमें न्यायालयों में लंबित राजीनामा योग्य दांडिक, सिविल, चैक अनादरण, वाहन दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा, वैवाहिक मामले, विद्युत से संबंधित प्रकरणों के साथ ही बैंक ऋण वसूली, बी.एस.एन.एल. की बकाया वसूली, विद्युत एवं नगर पालिका से संबंधित प्रिं-लिटिगेशन प्रकरणों का भी निराकरण किया जावेगा, नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण हेतु विभिन्न विभागों द्वारा छूट प्रदान की जाने की घोषणा की है।

            विद्युत विभाग द्वारा जारी छूट के अनुसार नेशनल लोक अदालत में विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के अंतर्गत निम्नदाब श्रेणी के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 05 किलोवॉट भार तक के गैर घरेलू, 10 अश्वशक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को प्रीलिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत एवं लिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत छूट एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात् प्रत्येक छः माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जावेगी।

            इसी प्रकार नगरीय विकास विभाग द्वारा जलकर, सम्पत्ति कर के प्रकरणों में छूट प्रदान किये जाने के संबंध में आदेश जारी किये है, जिसके अनुसार सम्पत्ति कर एवं अधिभार की बकाया राशि 50000/- रूपये, 50000/- से 100000/- रूपये एवं 100000/- से अधिक होने पर अधिभार में क्रमशः 100 प्रतिशत, 50 प्रतिशत एवं 25 प्रतिशत की छूट दी जावेगी। साथ ही जलकर के मामलों में जलकर एवं अधिभार की बकाया राशि 10000/- रूपये तक, 10000/- से 50000/- एवं 50000/- से अधिक होने पर अधिभार में क्रमशः 100 प्रतिशत, 75/- एवं 50 प्रतिशत की छूट दी जावेगी । उक्त छूट मात्र एक बार ही प्राप्त हो सकेगी एवं नेशनल लोक अदालत के दिन वित वर्ष 2024-25 तक की बकाया राशि पर ही देय होगी। इसी प्रकार नेशनल लोक अदालत में बैंकों एवं बी.एस.एन.एल. द्वारा वसूली से संबंधित प्रि-लिटिगेशन प्रकरणों में नियमानुसार छूट प्रदान की जा रही है।

जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया ने बताया कि नेशनल लोक अदालत के माध्यम से निराकृत प्रकरणों की कोई अपील नहीं होती है जिसके कारण विवाद का सदैव के लिए अंत हो जाता है और समाज में सौहार्द्रपूर्ण वातावरण निर्मित होता है। आपने सभी पक्षकारों से अपील है कि वे नेशनल लोक अदालत में प्रदान की जा रही छूट का लाभ उठाकर अपने प्रकरणों का निराकरण करावे।

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