
इन्दौर। रेलवे के अधिकारी बन करोड़ों की धोखाधड़ी के मामले में क्राइम ब्रांच ने राकेश पुत्र विजय सुमन, निवासी सिंगापुर ग्रीन व्यू, और उसके अन्य साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। धोखाधड़ी इन्दौर के एक डाक्टर सुभाष सोनकेसरिया निवासी शिवसिटी के साथ हुई डाक्टर सुभाष ने इस मामले में 2024 में भोपाल के टीटी नगर थाने में भी लिखित शिकायत की थी। वहां पुलिस ने बयान दर्ज करने के बाद कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद डॉ. सुभाष ने गत मई माह में इंदौर क्राइम ब्रांच को शिकायत की जिसकी क्राइम ब्रांच ने जांच की तथा जांच के मामले में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी थी। मामले में बताया जा रहा है कि क्राइम ब्रांच ने डॉक्टर सुभाष सोनकेसरिया से 1 करोड़ 72 लाख रुपए की ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है वहीं उसके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है। एडीसीपी राजेश दंडोतिया के अनुसार इस धोखाधड़ी का मुख्य आरोपी राकेश पिता विजय कुमार सुमन निवासी मूलरूप से चंदेरी अशोकनगर हाल मुकाम सिगांपुर ग्रीन व्यू प्रीमियम एनेक्स लसुड़िया है। उसने डॉक्टर से पत्नी जया और अन्य दो रिश्तेदार महिलाओं की नौकरी लगवाने के नाम पर 1 करोड़ 72 लाख 62 हजार से अधिक की ठगी की थी। राकेश सुमन 9 वीं तक पढ़ा है। उसके पिता की मौत हो चुकी है। वह पहले पुरातत्व विभाग भोपाल में स्मारक परिचर के पद पर पदस्थ थे। राकेश को पुरात्तव विभाग के कागजातों की पहचान थी। वह डॉक्टर सुभाष से मिला तो इंडेक्स मेडिकल कॉलेज इंदौर में ड्राइवरी करता था। उसने बताया कि उसकी यहां अच्छी पहचान है। पुलिस ने राकेश को गिरफ्तार कर लिया है वहीं मामले में उसकी महिला साथी रत्ना तिवारी, सीमा तिवारी और उर्मिला तिवारी जो खुद को रेलवे में अफसर बताकर डॉक्टर सुभाष से मिली थी के साथ डीके सिंह और लाल बहादुर सक्सेना और मनोज कुर्मी की तलाश कर रही है। इन सब के पास फर्जी नियुक्ति पत्र, फर्जी आईडी और प्रमोशन आर्डर थे।
