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जिले में उर्वरक वितरण की सुचारू एवं सुगम व्यवस्था के लिए व्यापक निर्देश जारी

दमोह : रबी 2025 में उर्वरक व्यवस्था हेतु किसान संगठनो के साथ बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में हुई चर्चा अनुसार जिले में कुल 05 डबल लॉक उर्वरक वितरण केंद्र यथा दमोह, जबेरा, तेंदूखेडा, पथरिया एवं हटा में संचालित हैं। इसके अतिरिक्त एमपी एग्रो विपणन सहकारी समिति मर्यादित दमोह में नगद उर्वरक का विक्रय किया जा रहा हैं। साथ ही जिले में कुल 102 सिंगल लॉक केंद्र (सेवा सहकारी समितियां) संचालित हैं।

            कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने कहा उर्वरक वितरण के दौरान कानून व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए उर्वरक वितरण केंद्रों पर सुसंगठित प्रबंधन और अनुशासन सुनिश्चित करना आवश्यक हैं। उर्वरक वितरण के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए निर्देश जारी किए गए। कलेक्टर श्री कोचर ने उक्त संपूर्ण व्यवस्थाओं की निगरानी और सुचारू संचालन हेतु जिला स्तर पर नोडल अधिकारी अपर कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी दमोह तथा उपसंचालक किसान कल्याण तएवं कृषि विकास विभाग दमोह को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया हैं। साथ ही अनुभाग स्तर पर संबंधित अनुविभाग के अनुविभागीय दण्डाधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है जो सभी उर्वरक वितरण केंद्रों पर व्यवस्थाओं का समन्वय करेंगे।

समस्त उर्वरक वितरण केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएँ अंतर्गत काउंटरों की संख्या और वितरण प्रक्रिया

            प्रत्येक केंद्र पर 04 काउंटर लगाए जाए जिनमें से एक काउंटर निजी विक्रेता का होगा। इससे वितरण में सुगमता रहेगी और भीड़ नियंत्रण किया जा सकेगा। डबल लाक केन्द्रों  पर उर्वरक वितरण व्यावस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए प्रत्येक डबल लाक केन्द्र  पर तीन-तीन सहकारी समितियों की ड्यूटी महाप्रबंधक जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित दमोह लगायेंगे तथा प्रत्येक डबल लाक केन्द्र में दो-दो कृषि विस्तार अधिकारियों की ड्यूटी संबंधित विकासखण्ड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी लगाये जायेंगे। निजी विक्रेताओ के आउंटर पर निर्धारित प्रारूप में बैनर अवश्य लगाया जाये। बैनर में निजी प्रतिष्ठा का नाम, प्रोप्राईटर का नाम, मोबाईल नंबर एवं उपलब्ध उवर्रक का नाम एवं मात्रा को स्पष्ट रूप से लिखा जाना अनिवार्य हैं। साथ ही शासकीय दर पर उर्वरक का विक्रय करना भी स्पष्ट होना चाहिए।

            निजी विक्रेताओ की डयूटी उनके पास उपलब्घ  स्कंध केआधार पर प्रतिदिन संबंधित क्षेत्र के वरिष्ठ  कृषि विकास अधिकारियों द्वारा लगाई जाये। प्रत्येक किसान को टोकन जारी किए जाएं और टोकन के आधार पर उर्वरक वितरण किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसान अपनी बारी के अनुसार सुचारू रूप से उर्वरक प्राप्त करें। काउंटरों पर जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी नियुक्त किए जाएं जो अनुशासन और वितरण प्रक्रिया को नियंत्रित करें। प्रत्येक वितरण केन्द्रों पर पीओएस मशीन द्वारा ही विकय सुनिश्चित किया जाएं । किसी भी परिस्थिति में ऑफलाईन विकय न किया जाये।

            कृषकों को दिये जावे वाले उर्वरकों की एन्ट्री उनकी बही में अनिवार्य रुप से की जाये। कृषकों को धारित रकवे के अनुसार ही उर्वरकों की मात्रा प्रदाय की जाये। कृषको को एनपीके उर्वरकों के उपयोग से संबंधित बैनर लगाये जाये तथा एनपीके उर्वरकों को प्रोत्साहित किया जाये। कांउटर की संख्या बढ़ाने हेतु डेस्कटॉप/लेपटॉप में बॉयोमेट्रिक डिवाईज का उपयोग कर भी उर्वरक वितरण ऑनलाईन किया जाये।उर्वरकों का विक्रय शासन द्वारा निर्धारित दर पर ही किया जावें एवं अनिवार्य रुप से कृषकों को बिल प्रदाय किया जाये।

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