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गुना। नगर पालिका की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। हाल ही में प्रभारी सीएमओ ने नगरपालिका की आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से वंदना कॉन्वेंट स्कूल में निरीक्षण कर बकाया संपत्ति कर जमा करने के निर्देश दिए। लेकिन इस निरीक्षण के बाद पुराने मामलों को लेकर शहर में फिर से चर्चाएं तेज हो गई हैं। जानकारी के अनुसार वर्ष 2020-21 के लिए नगरपालिका गुना द्वारा इस स्कूल को विल क्रमांक 482923797 दिनांक 15 अक्टूबर 2020 को 86 लाख 85 हजार 815 रुपये का मांगपत्र जारी किया गया था। लेकिन आश्चर्य की बात यह रही कि महज 14 दिन बाद 29 अक्टूबर 2020 को रसीद क्रमांक 1150005222 पर केवल 6 लाख 9 हजार 696 रुपये की ही राशि जमा की गई। उस समय यह मामला आमजन की चर्चाओं में छाया रहा कि आखिर लगभग 80 लाख रुपये की बड़ी राशि कैसे कम हो गई।
बताया जाता है कि रसीद जारी करने वाले कर्मचारी ने सिर्फ 2018-19 और 2019-20 के दो साल की ही रसीद बनाई, जबकि यह स्कूल वर्ष 1985 से गुना में संचालित है। इस कार्यप्रणाली को लेकर लोगों का कहना है कि कहीं न कहीं बड़ा घोटाला हुआ है, जिसमें संबंधित कर्मचारी के साथ उच्चाधिकारी भी शामिल हो सकते हैं। खास बात यह है कि चार साल बीतने के बाद भी इस मामले में किसी तरह की जांच नहीं हुई। न ही रसीद जारी करने वाले कर्मचारी पर कोई कार्रवाई की गई। अब सवाल उठ रहा है कि प्रभारी सीएमओ की हालिया विजिट से क्या नगरपालिका पुराने टैक्स की वसूली में हुए इस कथित घोटाले की भरपाई कर पाएगी? क्या जिम्मेदार कर्मचारी और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी या मामले पर हमेशा की तरह पर्दा डाल दिया जाएगा? इस मामले में भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष वंदना मांढरे ने भी जांच की मांग उठाई है और कहा है कि दोषियों को जवाबदेह ठहराए बिना नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर लोगों का विश्वास बहाल नहीं हो सकता।

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